अहमदाबाद। सीबीआई ने रिटायर आइपीएस अधिकारी डीजी वंजारा और पूर्व पुलिस अधीक्षक एनके अमीन की दलील का विरोध किया है। दोनों पूर्व पुलिस अधिकारियों ने 2004 के इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में खुद को आरोप मुक्त करने की अपील की है।
इशरत जहां, जावेद उर्फ प्रणेश पिल्लै, जीशान जौहर और अमजद अली राणा को वंजारा के लोगों ने जुलाई 2004 में मार गिराया था। गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि इशरत जहां और उसके दोस्त तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से गुजरात आए थे।
आरोप मुक्त करने की दलील का विरोध करते हुए सीबीआई ने कहा कि उसके पास इस बात के पुख्ता सुबूत हैं कि पूरे अभियान के मास्टर माइंड वंजारा थे और मुठभेड़ वाली जगह पर एनके अमीन मौजूद थे।
इस वर्ष फरवरी में विशेष अदालत द्वारा मामले से डीजीपी पीपी पांडे को आरोप मुक्त किए जाने के बाद दोनों अधिकारियों ने सीबीआई के आरोपपत्र से उन्हें भी मुक्त करने की अपील की है। खुद को निर्दोष बताते हुए उन्होंने आरोपपत्र को राजनीतिक मंशा से प्रेरित बताया है।
