हरियाणा में सेक्स गुलाम बनाकर रखी गई एक लड़की भागी और दिल्ली के पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत की. इस शिकायत के फौरन बाद यह लड़की गायब हो गई और करीब तीन साल बाद मिली. इस लड़की के बहाने खुलासा हुआ दिल्ली में फैले हुए सेक्स नेटवर्क का ।
दिल्ली के एक उपनगर के थाने में 16 साल की प्रीति दौड़ती-हांफती हुई पहुंची. पसीने-पसीने हो चुकी हांफती प्रीति को पानी पिलाकर जब पुलिस ने पूरा मामला पूछा तो प्रीति ने बताया कि वह बड़ी मुश्किल से किसी तरह भागकर यहां पहुंची है. पुलिस के सवालों पर धीरे-धीरे प्रीति ने खुलकर बताया कि उसे रोहतक के एक आदमी ने करीब साल भर पहले खरीदा था और केवल उसके शरीर के इस्तेमाल के लिए उसे कैद में रखा गया था.
पुलिस यह सब ध्यान से सुन रही थी. रोहतक के किस आदमी ने किससे खरीदा था? यह सवाल सुनकर प्रीति ने फिर पानी पिया और कुछ सांसें भरकर तसल्ली से पूरी कहानी सुनाई. प्रीति ने बताया कि साल 2009 में उसे 11 साल की उम्र में एक औरत ने एक लाख रुपये में खरीदा था. रिश्तेदारों ने उसका सौदा कर दिया था और वह औरत प्रीति को दिल्ली लेकर आई.
कुछ दिनों तक प्रीति को कैद में रखा गया लेकिन खाने-पीने का ध्यान रखा गया. मारपीट करने के साथ ही प्रीति को ड्रग्स के इंजेक्शन दिए जाते थे. थोड़े ही दिनों में प्रीति का शरीर भर गया और वह ड्रग्स की आदी भी होने लगी. प्रीति ने बताया कि उस औरत को सब पंजाबन कहते थे और उसने फिर सेक्स के लिए प्रीति को बेचना शुरू किया. कम उम्र की लड़कियों के शौकीन क्लाइंट्स के पंजाबन काफी समय तक प्रीति को इस्तेमाल करती रही.
यह सिलसिला कुछ सालों तक चलता रहा और फिर प्रीति को लखनऊ के एक तस्कर के हाथों पंजाबन ने बेच दिया जो लड़कियों का सौदा करता था. पंजाबन को अच्छी रकम मिली लेकिन प्रीति को फिर वही नरक मिला. लखनऊ में कुछ वक्त तक उसके खरीदार ने उसके शरीर का इस्तेमाल कर खूब पैसा कमाया. फिर उसने दिल्ली के तिलक नगर में लड़कियों के एक दलाल के हाथों प्रीति को बेच दिया.
बेचे और खरीदे जाने के इस पूरे सिलसिले के दौरान ड्रग्स की लत से बचने का संघर्ष कर रही थी. साथ ही, प्रीति अक्सर इस कैद से छूट जाने की कोशिश करती थी. लेकिन उसकी तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी थीं और हर कोशिश के बाद उसे बुरी तरह पीटा जाता था. उसकी इस हरकत की सज़ा में कई लोग उसके शरीर को रौंदते थे.
तिलक नगर वाले दलाल ने कुछ वक्त तक प्रीति के शरीर का सौदा करने के बाद फिर प्रीति की डील कर दी. हरियाणा के रोहतक के रहने वाले एक आदमी ने अच्छी रकम देकर प्रीति को पूरी तरह खरीद लिया. 2013 में यह आदमी प्रीति को रोहतक लेकर चला गया और अपने एक मकान में उसे कैद कर लिया. प्रीति को यहां सेक्स गुलाम की तरह रखा गया.
तकरीबन एक साल यहां कैद रहने के बाद एक दिन प्रीति को मौका मिला. वह आदमी मकान पर नहीं था और प्रीति ने किसी तरह दरवाज़े खोलकर और खिड़की से कूदकर वहां से भागने का रास्ता ढूंढ़ा. प्रीति को पता था कि रोहतक में वह आदमी बड़ा रसूखदार है इसलिए वह कहीं भी जाए, सुरक्षित नहीं रहेगी. प्रीति एक कपड़े से खुद को पूरी तरह ढांके बस स्टैंड पहुंची. यहां से उसने नजफगढ़ की बस पकड़ी.
पूरे रास्ते सहमी हुई बैठी रही प्रीति. नजफगढ़ उतरते ही उसने किसी से पुलिस थाने का पता पूछा और भीतर से पूरी तरह डरी हुई प्रीति किसी तरह दौड़ते भागते हुए थाने पहुंच गई. पसीने-पसीने हांफती हुई 16 साल की प्रीति ने यहां पुलिस को यह पूरी कहानी सुनाई कि किस तरह पिछले पांच सालों से उसे इस कारोबार में एक चीज़ की तरह इस्तेमाल किया गया. पुलिस ने उसकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की और उसे भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. पुलिस के पास केस दर्ज करवाने के बाद प्रीति अपने दोस्त के पास जाने की बात कहकर चली गई. कहानी में पेंच तब आया जब इस शिकायत के तुरंत बाद प्रीति गायब हो गई. पुलिस तफ्तीश के सिलसिले में प्रीति से और लिंक्स और सुराग चाहती थी लेकिन प्रीति का कोई पता नहीं चला. एकाध महीने गायब हुई प्रीति की तलाश करने के बाद पुलिस ने केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया.
करीब ढाई साल बाद पुलिस के अफसरान बदले और इस केस को फिर खोला गया. नये सिरे से तफ्तीश शुरू की गई और एक नयी टीम ने प्रीति का सुराग लगाने की कोशिश की लेकिन फिर पुलिस के हाथ नाकामी लगी और प्रीति का कहीं कुछ अता-पता न चला. अब पुलिस ने इस केस को बंद करने का फैसला किया और अंतिम रिपोर्ट के साथ केस फाइल क्लोज़ करने से ऐन पहले ही साइबर सेल ने एक नंबर के बारे में पुलिस टीम को सूचना दी.।

यह नंबर प्रीति के एक दोस्त का था जिसने कुछ और कॉंटेक्ट नंबर्स दिए और कुछ ही दिनों में प्रीति को तलाश लिया गया. प्रीति बेहद डरी और प्रताड़ित हालत में मिली. भीतर तक सहमी प्रीति गिड़गिड़ाकर यही कहती रही कि अगर उसने इस केस को आगे बढ़ाया तो उसे जान से मार डाला जाएगा. और उसकी काउंसिलिंग करवाई गई. आखिरकार प्रीति ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया और बताया कि कैसे उसे एक दर्जन बार खरीदा-बेचा गया.।
