उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पुजारियों को दानराशि का 35 फीसदी हिस्सा दिया जाता है। इसके अलावा अभिषेक पूजन की रसीद की 75 राशि दी जाती है। इसे लेकर ऑडिट ने आपत्ति जताई है। दरअसल, महाकालेश्वर मंदिर एक्ट में इसका कोई प्रावधान नहीं है। हाल ही में शिकायतकर्ता सारिका गुरु को सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई है।
महाकाल मंदिर में 16 पुजारी और 21 पुरोहित हैं। हर साल मंदिर समिति को भेंट पेटी में लाखों रुपए की आय प्राप्त होती है। इसमें से 35 फीसदी राशि पुजारियों में वितरित की जाती है।
इसके अलावा 1500 रुपए की विशेष दर्शन व अभिषेक की रसीद भी काटी जाती है। इससे प्राप्त आय का 75 फीसद हिस्सा पुजारी व पुरोहितों को दिया जाता है।
जानकारी अनुसार महाकालेश्वर मंदिर एक्ट में इसका कोई प्रावधान नहीं है। इसे लेकर ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताई है। कहा है कि न तो एक्ट में इसका कोई प्रावधान है और न ही मंदिर समिति के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जानकारी दी है। शिकायतकर्ता ने महालेखाकार सहित अन्य अफसरों को मामले की शिकायत की है।
