कड़वी लेकिन बहुत जरूरी बात है जो हमारे आने वाले कल का कुरूप और घिनौना चेहरा और सच आज हमें दिखा रहा है। अभी भी समय है अगर हमने अपनी बेटियों को बचा लिया तो आने वाला कल सुन्दर और सुखमय होगा ।
आईए आपको समाज में उत्पन्न टीवी , मोबाईल और फिल्मो में आने वाले विज्ञापन का एक कष्टदायक और घिनौना रूप आपको दिखाती हूँ ……
ज़रा गौर से पढ़िए और सोचिए हम कहाँ और किस दिशा में जा रहें । यह नही कहता कि बच्चियों पर बंदिश लगाओ , उनकी आज़ादी छीनो , मगर आपकी बंदिश आपकी बच्ची का कल बिगड़ने से रोक सकती है तो जरूर उसका उपयोग कीजिए । क्योंकि बच्चियों की यह आज़ादी एक तरफ उनका आज खराब कर रही है तो दूसरी और उनका आने वाला कल अंधकारमय कर रही है ।
पढ़िए और सोचिए विज्ञापन आपकी बच्ची के जीवन को नारकीय बना भी सकते हैँ ।
आँखों देखा हाल नीचे से पढ़िए
अभी सुबह सुबह एक मुश्किल से 14-15 साल की उम्र की लड़की मेरे मित्र के मेडिकल पर आके मुझसे पूरे जोश मैं बोली अंकल एक #UNWANTED_72 देना।
टीवी पे ऐड आता है सिर्फ एक कैप्सूल 72घंटो के अंदर अनचाही प्रेगनेंसी से छुटकारा…बिना दिमाक की लडकियां हर हप्ते नया बॉयफ्रेंड…सेक्स फिर… गोलियां जिसका न कम्पोजीशन पता होता है न कांसेप्ट…बस निगल जाती हैं…इन फेक गोलियों में आर्सेनिक भरा होता है यह 72 घंटो के अंदर सिर्फ बनने वाले भ्रूणको खत्म नही करता बल्कि पूरा का पूरा Fertility system ही करप्ट कर देता है…शुरू में तो गोलियां खाकर सती सावित्री बन जाती हैं लेकिन शादी के बाद पता चलता है ये बांझपन है, अब माँ नही बन सकती…तो सबको पता चल जाता है इनका भूतकाल कैसा रहा है पर कोई बोलता नही जिन्दगी खुद अभिशाप बन जाती है…पहली चीज प्रेगनेंट नही होना तो सेक्स क्यों और दूसरी चीज आशा, ANM, आगनवाडी, सरकारी स्वास्थ्य केंद्र क्या झक्क मराने के लिए हैं…सरकार हर साल मातृत्व सुरक्षाके नाम पर करोड़ों फूंक देती है और आपकी जुल्मी बेटी डॉक्टर बन जाती है…आज हालत ये हैं 13-14 साल की बच्चियां बैग में i-pill लेकर घूम रही हैं ये मरेंगी नही तो क्या होगा…कभी समय निकालकर अपनी बेटी या बहन का बैग भी चेक कर लिया करो हर साल लाखो बच्चियां बच्चेदानी के कैंसर से मर जाती हैं उसका एकमात्र कारण माता-पिता और हमारी लापरवाही।
समय रहते अपनी बहन बेटी को मौत के मुंह में जाने से रोकना लेना।
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