कन्याकुमारी/सूरत.रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को चक्रवाती तूफान ओखी में फंसे मछुआरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। सीतारमण कन्याकुमारी पहुंचीं और यहां तमिलनाडु के डिप्टी सीएम ओ पन्नीरसेल्वम, नेवी और स्टेट गवर्नमेंट के ऑफिशियल्स से हालात के बारे में जानकारी ली। इससे पहले केरल में सीएम पिनाराई विजयन ने एक हाईलेवल मीटिंग की। इसमें केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथानम भी मौजूद थे। मीटिंग के बाद अल्फोंस ने कहा कि स्टेट गवर्नमेंट ने हमसे ओखी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की है, लेकिन केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकती है। तमिलनाडु रेवन्यू कंट्रोल रूम ने बताया कि 690 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, 96 लापता हैं और 63 लोग हॉस्पिटल में भर्ती हैं। बता दें कि तूफान की वजह से मरने वालों की संख्या 19 हो गई है।
कन्याकुमारी से लापता है 1000 मछुआरे
– कन्याकुमारी जिले के 1000 मछुआरे लापता हैं। ये मछुआरे चार दिन पहले 100 बोट्स के साथ मछली पकड़ने गए थे। केरल के 900 मछुआरे महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के तट पर सुरक्षित पहुंच गए हैं। अब ओखी सौराष्ट्र की तरफ बढ़ रहा है। वेदर डिपार्टमेंट के मुताबिक, अगले 2 दिनों में तूफान साउथ गुजरात पहुंच जाएगा। उधर, साउथ अंडमान में कम दबाव का क्षेत्र बनने से नए तूफान से अगले 3-4 दिन में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुड्डुचेरी में भारी बारिश की आशंका है।
ओखी- सोमवार को सूरत पहुंचेगा, भारी बारिश की आशंका
– वेदर डिपार्टमेंट ने बताया कि केरल से होते हुए आखी मुंबई और सौराष्ट्र की तरफ बढ़ रहा है। 4 दिसंबर को यह साउथ गुजरात पहुंचेगा। खतरे की आशंका को देखते हुए कई राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है।
– तूफान सौराष्ट्र, कच्छ, दमन-दीव होते हुए साउथ गुजरात के कोस्टल एरिया में हल्की बारिश के साथ एंट्री करेगा। 5 दिसंबर से तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जिसका सीधा असर समुद्र के तट पर बसे इलाकों में होगा। हवाओं की रफ्तार करीब 55 Kmph तक हो सकती है।
– साइक्लोन की लोकेशन शनिवार शाम तक 10.4 नार्थ लेटीट्यूड व 70.3 ईस्ट थी। यह साइक्लोन लक्षद्वीप से निकला चुका है, जिसकी रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है।
कोस्ट गार्ड्स ने करीब 2400 मछुआरों को बचाया
– रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हजारों मछुआरों के लापता होने की खबर सही नहीं है। बल्कि तमिलनाडु के 97 मछुआरे लापता है, जिनमें से 71 को बचा लिया गया है। नेवी, कोस्ट गार्ड्स, एयरफोर्स ने तमिलनाडु और केरल में रेस्क्यू ऑरपरेशन चलाया है।
– उधर, तमिलनाडु में लापता मछुआरों को खोजने के लिए हवाई और समुद्री ऑपरेशन चलाने की मांग को लेकर परिजनों ने शनिवार को चिन्नाथुरई में प्रदर्शन किया। डीएमके नेता एमके स्टालिन ने रक्षा मंत्री को लेटर लिखकर रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी को लगाने की मांग की है।
– दूसरी ओर, कोस्ट गार्ड्स ने लक्षद्वीप के 813, केरल के 531 और तमिलनाडु के 100 मछुआरों को बचाया है।
31 राहत शिविर में 1000 से ज्यादा लोगों को शरण
– तूफान, बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित लक्षद्वीप में 31 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें 1000 से ज्यादा लोगों ने पनाह ली है। कन्याकुमारी जिले में राहत-बचाव काम तेज किया गया है।
– तूफान के गुरुवार को केरल तट से टकराने से पहले तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच दर्जनों बोट्स के समंदर में बहने की आशंका है। तमिलनाडु और केरल में तूफान का असर बना हुआ है।
– वेदर डिपार्टमेंट के मुताबिक, साउथ अंडमान में एक और कम दबाव का क्षेत्र बनने से एक अौर तूफान से अगले 3 से 4 दिन में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुड्डुचेरी में भारी बारिश होने की आशंका है।
ओखी: बांग्लादेश ने दिया तूफान को नाम
– इस साइक्लोन का ओखी नाम बांग्लादेश की तरफ से दिया गया है। जिसका मतलब है नजर रखने वाला या निगाह रखने वाला।
– इससे पहले साइक्लोन बंगाल की खाड़ी में पनपा था, जिसे श्रीलंका ने मौरा नाम दिया था। अब अगला जो भी साइक्लोन आएगा, उसका नाम सागर होगा, जो भारत की ओर से दिया गया है।
