भोपाल । उत्तरप्रदेश बड़ी तेज़ी से पत्रकारों पर अत्याचार करने वाले प्रदेशो में अव्वल आने वाला है । पिछ्ले 3माह से लगातार पत्रकारों के ख़िलाफ़ झूठे मामले दर्जा होना । पत्रकारों को प्रताड़ित करने और उनकी आवाज़ दबाए जाने की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाली पत्रकारिता इस समय उत्तरप्रदेश में जिस स्थिति से गुज़र रही है वह दुखदाई है । स्वतंत्र पत्रकारिता पर हौरहे हमले उत्तरप्रदेश सरकार पर पत्रकार विरोधी होने के प्रमाण दे रहे । निसन्देह योगी सरकार अपनी कारगुजारियों को छिपाने के लिए पत्रकारों को प्रताडित करने पर आमादा है । या यूं कहें कि
उत्तर प्रदेश पत्रकारों के लिए डेंजर ज़ोन बनता जा रहा है। सूबे में आए दिन पत्रकारों को पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ रहा है। सूबे की पुलिस कभी किसी पत्रकार को रातों-रात घर से उठा ले जाती है तो कभी सच्चाई दिखाने के लिए किसी पत्रकार को बेरहमी से पीट देती है।
ताज़ा मामला नोएडा के सेक्टर-18 से सामने आया है। जहां इंडिया न्यूज़ के एक पत्रकार को पुलिस ने सिर्फ इसलिए पीट दिया क्योंकि उसने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर बाइक चला रहे पुलिसकर्मियों को टोक दिया था।
दरअसल, इंडिया न्यूज के पत्रकार राहुल काद्यान अपने दोस्त के साथ बीती रात करीब 12 बजे नोएडा सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन के नीचे कैब आने का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान यूपी पुलिस के दो सिहापी बिना हेलमेट पहने रॉन्ग साइड से आ रहे थे। राहुल ने सिर्फ इतना कहा कि भाई साहब देख के चलाईए। टक्कर मारेंगे क्या?
इतना कहना था कि वर्दी की हनक दिखाते हुए पुलिसकर्मी राहुल पर टूट पड़े। राहुल और उनके दोस्त राजीव को पुलिसकर्मियों ने गाली देते हुए लाठी-डंडों से बुरी तरह पिटा। प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं ख़त्म हुआ। इसके बाद राहुल को सेक्टर 18 के पुलिस चौकी ले जाया गया। जहां फिर उसके साथ मारपीट की गई।
इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सेक्टर 20 थाने में ले गए और रात भर बिठाए रखा। सुबह होने पर पुलिस ने किसी तरह उन्हें छोड़ा। पुलिस की ज्यादती का शिकार हुआ ये पत्रकार अब अपने लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। यही नहीं, उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है।
हालांकि इस मामले पर एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी प्रथम को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं नोएडा मीडिया क्लब ने पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई मारपीट पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति भारत उत्तरप्रदेश सरकार के पत्रकार विरोधी व्यवहार की कठोर निंदा करती है ।
