@सैयद ख़ालिद कैस -8770806210
भोपाल । तेज़ी से आधुनिकता के साथ चल रहे समाज में इंटरनेट , मोबाईल और सोशल मीडिया के प्रवेश ने जहाँ एक और समाज को देश दुनिया से सहजता से जोड़ा , ज्ञानवर्धक जानकारियों से अवगत कराया वहीं समाज में इसके दुष्परिणाम भी दिखाइ दे रहे हैं ।
आज हर कोई मोबाईल का उपयोग सहजता और सरलतापूर्वक कर रहा है या यह कहने में अतिशयोक्ति नही होगी कि इंटरनेट और मोबाईल जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है । समाज में बड़ों के अलावा बच्चों के हाथों में मोबाईल और इंटरनेट आम बात है । बच्चों को शिक्षा और ज्ञानवर्धन में सहायक होने वाला इंटरनेट मोबाईल अपराध का जनक भी तेजी से बन रहा है । मध्यप्रदेश के बड़वानी में गत दिनों घटित घटना ने लोगों को सन्न कर दिया जब एक मासूम बच्ची का रेप और वीभस्त तरीके से हत्या करने वाला भी नाबालिग बच्चा निकला , जिसने मोबाईल पर यूट्यूब पर अश्लीलता का विडिओ देख अपराध को अंजाम दिया ।
दरअसल, वरला थाना क्षेत्र के ग्राम मालवान में दो अक्टूबर को एक पांच साल की बच्ची की लाश मिली थी। उस मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी नाबालिग लड़के को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी नाबालिग ने रेप की कोशिश में असफल होने के बाद इस मासूम बच्ची की हत्या की। आरोपी लड़के की उम्र 14 साल है। वह अपने पिता के फोन में यूट्यूब पर इस प्रकार का गलत वीडियो देखता था। उसी के बाद उसने ऐसा किया।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि हम जिसे जीवन का अभिन्न अंग कहते है , वरदान कहते हैँ यही अभिशाप के रूप में भी सामने आ रहा है । समाज में नाबालिगों द्वारा किये जा रहे अपराध इसी वरदान का घिनौना रूप बनकर सामने आ रहा है । चिंता का विषय यह है कि इस पर नियंत्रण केसे होगा ।इंटरनेट, मोबाईल के अत्यधिक प्रचलन और बिगड़ते बचपन का ज़िम्मेदार कौन ?
