राजेन्द्र सिंह की कलम से
छतरपुर और मिलावट खोरी हो ही नहीं सकता ,हमारे छतरपुर जिले में अब मिलावट खोरी होती ही नही,
मिठाईयां ,दूध ,पनीर ,शुद्ध तेलों से निर्मित खाद्य पदार्थ उन्हें बनाने की प्रक्रिया सब कुछ अव्वल,,दीपावली का त्यौहार आ गया छतरपुर शहर से लगाकर छोटे बड़े अपने जिले के तमाम नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बिल्कुल शुद्ध मावे की बनी मिठाईयां ,इसीलिए प्रशासन ने इस बार एक भी बड़ी कार्यवाही मिलावट खोरी पर नहीं की ,दरअसल क्या है ना अभी तक जो भी कार्रवाई होती थी कभी नकली मावा पकड़ा जाता था,कभी मिठाइयों की दुकानों के सैंपल लिए जाते थे वो सब प्रशासन की नजर में शायद झूंठे निकले, तभी तो इस बार खाद्य विभाग ने किसी पर उंगली तक नहीं उठाई,
बस भैया यूं समझिए अब अपने छतरपुर जिले में कम से कम मिलावट को लेकर रामराज्य है ,,
अब जब प्रशासन को पूरा विश्वास था तो काहे को कारवाही करके खुद अपना और उन तमाम दुकानदारों का जहां पर हर बर्ष नकली मिलावटी मावा की मिठाईयां के सैंपल लिए जाते थे, कुंटलों मावा कई बसों में छतरपुर लाते तो कभी अन्य जगह पकड़ा जाता था वक्त बर्बाद करें ,
तो भैया प्रशासन तो हो गया आस्वस्त,,की जिले में मिलावट खोरी बंद है ,,
प्रदेश के मुखिया कमलनाथ जी का सपना कम से कम छतरपुर में तो पूरी तरह से साकार हो गया है ,क्योंकि यहां तो मिलावटखोरी है ही नहीं , अब प्रदेश के मुखिया को छतरपुर छोड़कर अन्य 51 जिलों में ध्यान देना होगा,
*अब एक सज्जन बोले कि कार्यवाही तो हुई हैं इस बार भी ,खाद्य सुरक्षा अधिकारी एस के तिवारी ने चंदला,सरबई,और गौरिहार में इक्का दुक्का मिठाई दुकानों पर कार्यवाही करते हुए सेम्पल लिए, सज्जन ये भी बोले एक दूध डेरी वाले से तो सेटिंग भी होती रही, बस साहब मुझसे तो रहा नही गया मैंने कहा भाई चांद में दाग हो सकता है पर कोमल हृदयी,मृदुभाषी,पानी की तरह पारदर्शी ,जिले भर के मिठाई दुकानदारों,खाद्य सामग्री, रखने और बेचने वालों के चहेते खाद्य सुरक्षा अधिकारी तिवारी जी पर दाग नही हो सकता*
और हां आने वाले किसी अच्छे बड़े मंच पर कम से कम छतरपुर जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी और उनकी टीम का सम्मान भी बनता है भाई ,,,आखिर उन्होंने बिना कोई कार्यवाही किए समूचे जिले को मिलावट खोरी से मुक्त जो कर दिया है ,,
अब आप ही ऐसे मिलावटी मावे से बनी मिठाइयां या अन्य मिलावटी खाद्य पदार्थ, सिंथेटिक दूध ,पनीर ,अमानक तेलों से बने हुए खाद्य सामग्री को लेते हैं और यह मीठा जहर खाते हैं तो ये आपकी स्वयं की जिम्मेदारी है ,अब इसमें प्रशासन कहां से बीच में आ गया भाई,,,,,
अमीर ऊंची दुकानों के मीठे पकवान ला रहा है
गरीब ठेले और गुमटियों की दुकानों की मिलावटी मिठाई का मीठा जहर खा रहा है।
प्रशासन मस्ती से चैन की नींद सो रहाहै,मिलावटखोरी का गोरखधंधा कल भी था और आज भी जोरों से हो रहा है।
@आरटीआई कार्यकर्ता खेमराज चौरसिया , छतरपुर मध्यप्रदेश
