भोपाल-चुनाव की नाव मझधार मे है सुनलो भारत वासियों । लोकतंत्र का गला घोंट ने वाली साजिश को अंजाम दिया जा चुका है । इंसान को हैवान बनाते हुए देख देश आज शर्मिंदा है । इंसानियत को शर्मसार करती घटना राजस्थान के शम्भू नामक हैवान ने अंजाम दी । जिस को देख आंखों से आंसू नही कलेजा मुँह को निकल जाए । एक इंसान धर्म के नाम पर किसी बेकुसूर को इस तरह भी मौत के घाट उतार सकता है ? इस का जवाब सिर्फ राजनीति के वो जानवर दे सकते है जो इंसान की खाल में रहते है । जो भाई को भाई से लड़वा देते है । ज़मीन को बेगुनाह के खून रंग देते है । इस पूरे मामले को देखा जाए तो इस मे बहुत बड़ी साजिश साफ नज़र आती है । हत्यारा अपना निशाना एक बंगाली कमजोर मजदूर को बनाता है । एक धर्म विशेष की रक्षा की बात करते हुए एक धर्म विशेष के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए इस पूरी वारदात को अंजाम देता है । इसके बाद देशभक्ति की बातें करता है । भारत के कानून में विश्वास की बात करता है । जबकि वह अपराध को अंजाम दे चुका होता है । इस हत्याकांड को अंजाम देने का पहला मकसद लोगों में डर- खौफ को पैदा कर देश की फिजाओं में नफरत का जहर घोलना स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है । अगर इस पूरे मामले की जांच सही तरीके से की जाए तो वह चेहरे भी सामने आज आ जाएंगे जिस ने इस हत्याकांड की प्लानिंग की । इस हत्याकांड को अंजाम देने के पीछे केवल 2 लोग नहीं बल्कि कई दिमाग काम कर रहे होंगे । जगह का चुनाव जो की थाने से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है ऐसा में कानून व्यवस्था का मज़ाक उड़ाते हुए , हथियारों को इकट्ठा करना,पेट्रोल का इकट्ठा करना , पहले जान से मार देना फिर जला कर सुबूतों को खत्म कर ऐसा एविडेन्स तैयार करना जिस से उस को धर्म रक्षक समझा जाए । लोगो की सहानुभूति प्राप्त की जाए । आखिर ये हत्यारा किन लोगों के संपर्क में था । इतने गिन्नौन काम को अंजाम देने के लिए किस ने सुपारी दी । पूरे भारत मे दहशत फैलाई जाने का मंसूबा किस का है । इस मज़दूर की जघन्य हत्या की सुपारी देने वाला आखिर वो कौन सा चेहरा है जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है । किसके हाथों की कठपुतली है, ये शम्भू। इसकी जांच सीबीआई से कराना अति आवश्यक है दरअसल ये हत्या गन्दी राजनीति को गर्म खून चढ़ाने जैसी है । जबकि देश में चुनाव की गर्मी है , ऐसे में ताज़ा खून की बलि दे कर देश मे आतंक का नया अध्याय लिखे जाने की तैयारी है,एक निर्बल मज़दूर की हत्या ।
( साभार )आबिद मो खान✍भोपाल
