भोपाल। मध्यप्रदेश में अधिवक्ता वर्ग के साथ मारपीट,हत्या ,हत्या के प्रयास की घटनाएं वर्षो से होती आ रही है। वर्षो से मध्यप्रदेश के अधिवक्ता सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने और उनको संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। परन्तु सरकारें वादों और घोषणाओं के बावजूद मध्यप्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागु नही कर पाई और प्रदेश का अधिवक्ता ठगा सा रह गया।
प्रदेश में वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण से प्रभावित अधिवक्ता वर्ग आज तक उबर नही पाया है।आर्थिक हानि का सामना कर रहा अधिवक्ता अब भी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है और पुनः एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की आवश्यकता नितान्त आवश्यक महसूस हो रही है।इसका जीता जागता उदाहरण गत दिनों प्रदेश में सिहोरा के अधिवक्ता सूर्यभान सिंह पर न्यायालय परिसर के मेन गेट पर किये गए प्राणघातक हमला है।
उक्त घटना को मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने गंभीरता से लिया है और राज्य अधिवक्ता परिषद के निर्देश पर कल भोपाल के अधिवक्तागण सुबह 10 :30 से 2 :00 बजे तक अपने कार्य से विरत रहेंगे ।
राज्य वक्फ अधिकरण अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नौमान खान ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों पर कार्यवाही किये जाने की मांग के साथ अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट प्रदेश में लागू किये जाने की मांग शासन से की है।
राजस्व अधिवक्ता कल्याण परिषद के अध्यक्ष सैयद ख़ालिद क़ैस ने सिहोरा की घटना की निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में अधिवक्ता वर्ग जहां एक और कोरोना काल में अदालतों के बन्द होने से आर्थिक हानि का सामना कर रहा है ऐसे में उनके ऊपर हमले की घटना के कारण भय व आतंक के बीच जीवन गुज़ार रहा है। ऐसे में एडवोकेट सुरक्षा कानून लागू होना नितान्त आवश्यक है ।
