अधिमान्यता को सही परिभाषित करे सरकार-शकील नियाज़ी
पिपरिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंन्त्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना काल में जबसे अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित किया है,तभी से गैर अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करने की मांग बलवती हो रही है।गत दिनों पूर्व मुख्यमंन्त्री कमलनाथ सहित शहडोल सांसद,पूर्व मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सरकार को लगातार पत्र व्यवहार कर दवाब डाला जा रहा है।

प्रेस क्लब ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स द्वारा भी लगातार मुख्यमंन्त्री को अनुरोध किया जा रहा है कि गैर अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित किया जाए। इसी क्रम में आज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद ख़ालिद क़ैस ने मुख्यसचिव मध्यप्रदेश को पत्र भेजकर अविलम्ब गैर अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित करते हुए लाभान्वित किये जाने का आग्रह किया है।
प्रेस क्लब ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के मध्यप्रदेश संयोजक शकील नियाज़ी ने आज अपने प्रेस नोट में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों की मदद ही करना चाहती है तो सभी जिला कलेक्टर से तहसीलों का सर्वे कराये कौन नियमित निरंतर खबरे लिखने वाले पत्रकार है उस सूची को जमीनी स्तर पर तैयार कर लाभांवित करे ,तो कोई बात है। अभावों के बीच ये बिना किसी सहायता के या फिर अपने संस्थान की अल्प पगार पर आश्रित है अधिमान्यता को सही परिभाषित करे। पत्रकारों की यह वो जमात है जो स्वाभिमान को सर्वोपरि मान जनहितैषी खबरों को मौसम की मार झेलते प्रकाशित करते है। अधिमान्यता की फरियाद नही करते अपने कर्तव्य मे जुटे रहते है। इनके साथ कोई हादसा हो जाए तो ऊपर वाले के सिवा कोई साथ नही होता। सरकार मदद सम्बन्धी हर गाईड लाइन की जमीनी स्तर पर मानिटरिंग करे ताकि मदद सही और पात्र लोगो तक पहुॅच सके।
उन्होंने कहा कि सरकार अधिमान्यता को सही परिभाषित करे।
