अहमदाबाद. गुजरात विधानसभा चुनाव अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है। दूसरे फेज में वोटिंग को महज तीन दिन और हैं। बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की ओर से उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले 11 दिनों से राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। पर इन 11 दिनों में गुजरात की राजनीति काफी बदल गई है। पहले 60 दिनों के चुनावी मुद्दे, नारे, रणनीति पीछे छूट गए। कांग्रेस ने 11 में से 4 दिन में बीजेपी को 4 बड़े ऐसे मुद्दे दे दिए, जिसे बीजेपी और मोदी ने लपक लिया। बीजेपी और मोदी ने इनसे 4 नए विवाद खड़े कर दिए।
11 दिन में कांग्रेस ने दिए ये 4 बड़े मुद्दे
1) हिंदुत्व
4) मंदिर
5) गुजराती अस्मिता
4) पाकिस्तान
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 11 दिनों में 7 दिन गुजरात में चुनावी रैलियां की हैं। उन्होंने पूरा चुनावी माहौल बदलकर रख दिया है।
– जीएसटी, नोटबंदी, मंहगाई, बेरोजगारी, विकास जैसे मुद्दे गायब हो गए हैं। हिंदुत्व, राम मंदिर, गुजराती अस्मिता, पाकिस्तान और आतंकवाद बड़े मुद्दे बन गए हैं।
– मोदी ने राज्य में 27 नवंबर से चुनावी रैलियां शुरू की थीं। 29 नवंबर को भी उन्होंने रैली की। तब उन्होंने विकास, जातिवाद के अलावा नोटबंदी जीएसटी के फायदे गिनाए थे।
ये छोटे मुद्दे भी उछले
– औरंगजेब, खिलजी, बाबर, अफजल, जनेऊ, संस्कार, अभद्र भाषा, शहीद, बाबा अंबेडकर, सरदार पटेल आदि।
पहले 60 दिनों के 4 बड़े मुद्दे
1) जीएसटी
2) नोटबंदी
3) गुजरात में विकास
4) आरक्षण
– कांग्रेस ने गुजरात में अपना चुनावी अभियान 26 सितंबर को ‘नवसृजन यात्रा’ से शुरू किया था। तब से राहुल गांधी लगातार राज्य में रोड शो और चुनावी रैली कर रहे हैं।
– वहीं, बीजेपी ने अपना चुनावी अभियान एक अक्टूबर को ‘गौरव यात्रा’ से शुरू किया था। इसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे।
– इसके बाद करीब 60 दिनों तक दोनों पार्टियों ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में एक-दूसरे पर जमकर कटाक्ष और वार-पलटवार किए।
– कांग्रेस ने जीएसटी, नोटबंदी, विकास, आरक्षण, बेरोजगारी, बिजली, पानी, अस्पताल को मुद्दा बनाया।
– राहुल ने नारा दिया- विकास पागल हो गया है। बीजेपी ने गुजरात के विकास मॉडल, मोदी सरकार और राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। जीएसटी और नोटबंदी के फायदे भी बताए।
– पीएम मोदी ने एक रैली में कहा, मैं विकास हूं। इसके अलावा पाटीदार, ओबीसी, दलित आंदोलन भी चुनावी मुद्दे बने।
