भोपाल। जोधपुर कोर्ट द्वारा आसाराम को नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के मामले में मरते दम तक जेल में रखने की सजा सुनाए जाने के बाद अब आसाराम के नाम पर दर्ज सरकारी संपत्तियों के नाम बदलने की आवाज उठना शुरू हो गईं हैं। भोपाल एवं इंदौर सहित मप्र के कुछ शहरों में आसाराम के नाम पर सरकारी संपत्तियां दर्ज हैं। कुछ चौराहे एवं बस स्टॉप का नाम आसाराम के नाम पर है। सीएम शिवराज सिंह ने ऐलान किया है कि ऐसे सभी स्थानों के नाम बदल दिए जाएंगे। सबसे पहले यह मामला आबिद मो खान ने उठाया था। उन्होंने 22 अप्रैल को इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता रचना ढींगरा ने यह मामला उठाया है। बेरोजगार सेना के संयोजक अक्षय हुंका ने इस मामले को सीएम शिवराज सिंह के पास तक पहुंचाया। सीएम शिवराज सिंह ने तत्काल ऐलान किया है कि वो ऐसे सभी स्थानों के नाम बदल देंगे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि मप्र में ऐसे कुल कितने स्थान है जो ‘संत आसाराम बापू’ के नाम पर दर्ज हैं।

सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीटर पर जवाब देते हुए लिखा है कि ‘हमारे देश में संविधान, क़ानून, और जनभावना से ऊपर कुछ भी नहीं हैं, यह वह देश है जहाँ पर औरंगज़ेब रोड का भी नाम बदल दिया गया है। जल्द ही इस मामले पर भी उचित कार्यवाही करेंगे।’ बता दें कि आसाराम के प्रमुख भक्तों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं सीएम शिवराज सिंह का नाम आता है। मामला दर्ज होने के बाद आसाराम मप्र में आकर छिप गया था और यहीं से उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
देर आयद दुरूस्त आयद-
आल इण्डिया हयूमन राइट्स एण्ड सोशल जस्टिस कौंसिल की नेशनल जनरल सेक्रेट्री एंव महिला कॉग्रेस नेत्री सरोज जोशी ने कहा मध्यप्रदेश सरकार ने विगत 04 सालों में ब्लात्कारी आसाराम के नाम के चौक चौराहे के नामों को आज तक नही बदला यहॉं तक गौदरमउ गांधीनगर क्षेेेेत्र में आसाराम द्वारा आश्रम के नाम पर अतिक्रमण की गई सरकारी भूमि को जानबुझकर मुक्त नही कराया है यह भाजपा के आला नेताऔ की आसाराम के प्रति गहरी आस्था का प्रमाण है जो निन्दनीय हैै
