अगरतला-त्रिपुरा सीएम के बेतुके बयानों के बाद अब राज्यपाल के एक सिफारिश लेटर ने राज्य में सियासी हलचल बढ़ा दी है। राज्यपाल के इस लैटर को लेकर विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर जमकर हमला बोल रही हैं। दरअसल राज्यपाल तथागत राय ने पश्चिम बंगाल के एक भाजपा कार्यकर्ता को कथित तौर पर राज्य सरकार में नौकरी देने के लिए लिखित सिफारिश की है, जिससे राज्य में नया सियासी विवाद पैदा हो गया है।
बीते 14 मार्च को मुख्यमंत्री बिप्लब देब को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने बंगाल में पार्टी के एक सहयोगी सर्वदमन राय को सरकारी नौकरी देने की सिफारिश की है। सर्वदमन राय पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और यहां एक सलाहकार फर्म चलाते हैं। राज्य की विपक्षी दल माकपा ने राज्यपाल के इस कदम को अप्रत्याशित बताते हुए उन पर संवैधानिक पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
माकपा ने बोला हमला
माकपा सांसद शंकर प्रसाद दत्त ने कहा है कि एक राज्यपाल अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता को ऐसी सरकार में नौकरी देने की सिफारिश करता है जो उसी की पार्टी यानी भाजपा की है। इससे बचकानी बात और क्या हो सकती है।
पहले बात फिर भेजा पत्र
बताया जाता है कि राज्यपाल ने इस मसले पर मुख्यमंत्री से पहले कथित तौर पर जुबानी बात की थी और अगले ही दिन पत्र भेज दिया। उन्होंने अपने पत्र के साथ भाजपा कार्यकर्ता का बायोडाटा भी भेजा था।
राज्यपाल ने दी सफाई , वैध वजहों से लिखा पत्र
विवाद बढ़ता देख राज्यपाल ने सफाई देते हुए कहा है कि, यह एक सामान्य पत्र है जो वैध वजहों से लिखा गया था। इसके साथ ही सर्वदमन राय ने सफाई दी है कि उनको राज्यपाल के सिफारिशी पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने माना है कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान उन्होंने त्रिपुरा की सरकार के साथ काम करने की इच्छा जताई थी।
