नई दिल्ली : बच्चों के अलावा घर से दूर या हॉस्टल में रहने वाले और ऑफिस जाने वालों के लिए मैगी एक वरदान से कम नहीं है। नेस्ले की लोकप्रिय ब्रांड ‘मैगी’ ताजा जांच में एक बार फिर नाकाम साबित हुई है।
प्रशासन ने कड़ी कार्यवाई करते हुए नेस्ले कंपनी समेत डिस्ट्रीब्यूटर और विक्रेताओं पर 62 लाख का जुर्माना ठाेंका है। मैगी सैम्पल फेल होने पर 45 लाख का जुर्माना नेस्ले कम्पनी पर लगाया गया है जबकि डिस्ट्रीब्यूटर समेत छह बिक्रेताओं समेत पर 17 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
व्यापारियो में मचा हड़कंप
गौरतलब है कि पिछले साल नवम्बर में पूरे जिले में छापेमारी कर मैगी के सैम्पल लिए गए थे। प्रदेश में अबतक की सबसे बडी इस कार्यवाई से व्यापारियो में हड़कंप मचा हुआ है।
