अहमदाबाद.वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बीजेपी को हमेशा से प्रो-हिंदुत्व पार्टी के तौर पर देखा गया है। अगर ऑरिजनल मौजूद है तो लोग किसी क्लोन को क्यों पसंद करेंगे? सूरत में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेटली ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले राज्य में सबसे भ्रष्ट सरकार थी। केंद्र में भी ऐसी सरकार चल रही थी, जिसमें प्रधानमंत्री सिर्फ नाम के लिए थे, उनके पास कोई पावर नहीं थी। बता दें कि गुजरात असेंबली इलेक्शन के लिए 9 और 14 दिसंबर को वोटिंग होगी, नतीजे 18 तारीख को आएंगे।
बीजेपी के लिए गुजरात हमेशा अहम रहा
– जेटली ने कहा, ”गुजरात हमेशा से बीजेपी के लिए अहम रहा है, क्योंकि हमें यहां जीत मिलती रही है और दो दशकों से पार्टी की सरकार है। यहां 1980 के दशक में बड़े पैमाने पर समाजिक ध्रुवीकरण हुआ था। जब से बीजेपी की सरकार गुजरात में बनी, हमने राज्य को विकास के रास्ते पर लेकर जाने की कोशिश की।”
– ”मोदी जी के मुख्यमंत्री बनने से पहले 10 साल तक लोगों ने राज्य में सबसे भ्रष्ट सरकार देखी थी। तब किसी नेता के बिना ही सरकार चल रही थी। कह सकते हैं कि तब के प्रधानमंत्री ऑफिस में तो पीएम थे, लेकिन उनके पास कोई पावर नहीं थी। तब देश में फॉरेन इन्वेस्टमेंट खत्म हो गया। अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की वर्ल्ड रैंकिंग में भारत 42th पोजिशन पर है।”
रिजल्ट से पहले ही विरोधियों को हार का डर
– जेटली ने यूपी के निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद ईवीएम टेम्परिंग के आरोपों पर कहा, ”अब तक गुजरात-हिमाचल का रिजल्ट सामने आया नहीं है और उन लोगों ने अपनी हार के कारण बताने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी ने अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखी है और कांग्रेस धीरे-धीरे खत्म होने की तरफ बढ़ रही है।
– बता दें कि बीएसपी चीफ मायावती और सपा प्रेसिडेंट अखिलेश यादव ने ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है।
