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मध्यप्रदेश

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के आदेशों का क्रियान्वयन ना होने से छतरपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश के आदेशों का क्रियान्वयन ना होने से छतरपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी।

 

खेमराज चौरसिया(आर टी आई कार्यकर्ता )@9893998100

 

मध्य प्रदेश /छतरपुर /महाराजपुर।

 

स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए छतरपुर कलेक्टर संदीप जी आर के द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता परंतु कलेक्टर के प्रयास उपरांत भी जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी चिंता का विषय है। इसी समस्या का समाधान ढूंढने कि जब हमारे द्वारा कोशिश की गई तो हमने पाया की

 

 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत होने वाली संविदा नियुक्तियों पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था संचालित होती है परंतु जिले में बैठे अधिकारी निजी स्वार्थ के चलते इन संविदा डॉक्टरों नर्सों एवं अन्य कर्मचारियों को अटैचमेंट कर के शासन के साथ धोखाधड़ी कर रहे है।

 

तो वहीं पूरे क्षेत्र की व्यवस्था को भी बदहाल कर रहे हैं शासकीय हॉस्पिटल रिफर सेंटर बने हुए हैं एवं कर्मचारी भी अपना क्लीनिक खुलेआम संचालित करता है यह कोई एक गांव के एक कस्बे का मामला नहीं है यह हाल पूरे जिले का है जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ डॉक्टरों को दूसरी जगह अटैच कर पूरी व्यवस्था को ध्वस्त किया जा रहा है। इस संबंध में बार-बार -राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश पत्र भी जारी करता रहा है दिनांक-09/09/2016 को पत्र जारी कर समस्त संभागीय आयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं समस्त, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, समस्त सिविल सर्जन, सर मुक्त अस्पताल अधीक्षक मध्य प्रदेश। को प्रति विषय:- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नियुक्त संविदा कर्मचारियों से पद पदस्थापना स्थल पर कार्य लिए जाने बाबत।

 

संदर्भ:- कार्यालयीन पत्र क्रमांक- एनएचएम/ एचआर/2016/5797/ दिनांक-29/06/2016राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न जिला स्वास्थ्य समितियों के आधीन नियुक्त संविदा कर्मचारियों से पदस्थापना स्थल पर ही कार्य लेने बाबत पूर्व में संदर्भित पत्र द्वारा निर्देश जारी किए गए है किंतु प्राप्त सूचना के अनुसार अब भी कई संविदा कर्मचारियों से पदस्थापना स्थल पर कार्य ना करवाया जाकर अन्यत्र संलग्न कर कार्य संपादित कराया जा रहा है। इस कारण कार्यक्रम के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है।

 

अतः निर्देशित किया जाता है कि आप के आधीन मिशन के अंतर्गत संविदा कर्मचारी आदि अन्यत संलग्न किए गए हैं तो उन्हें तीन दिवस के अंदर अपने मूल पद पर पदस्थापना स्थल पर कार्य करने हेतु कार्यमुक्त करें।

 

यदि उक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता तो संलग्न किए गए कर्मचारी के मासिक मानदेय के भुगतान के लिए संबंधित अधिकारी उत्तरदाई होगे। पत्र जारी होने के एक सप्ताह पश्चात ऐसे संविदा कर्मचारियों की संविदा सेवा स्वता समाप्त मानी जाएगी।

 

(व्ही किरण गोपाल) मिशन संचालक, एनएचएम मध्य प्रदेश भोपाल दिनांक-09/09/2016

 

पत्र क्रमांक- एनएचएम/ एचआर/2016/9144

 

प्रतिलिपि- सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।

1- मुख्य सचिव मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, वल्लभ भवन भोपाल मध्य प्रदेश।

2- आयुक्त स्वास्थ्य मध्य प्रदेश।

3- समस्त संचालक संचनालय स्वास्थ्य सेवाये/ एनएचएम भोपाल मध्य प्रदेश।

4- संचालक चिकित्सा शिक्षा सतपुरा भवन भोपाल मध्य प्रदेश

5- समस्त कलेक्टर, सह अध्यक्ष जिला स्वास्थ्य समिति मध्य प्रदेश

6- सलाहकार वित्त/ संचालक वित्त/ संचालक स्वास्थ्य सेवाएं/ एनएचएम भोपाल मध्य प्रदेश।

7- समस्त अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय मध्य प्रदेश।

8- समस्त कार्यक्रम अधिकारी, संचनालय स्वास्थ्य सेवाएं/ एनएचएम भोपाल मध्य प्रदेश।

मिशन संचालक एनएचएम मध्य प्रदेश

 

 

समय-समय पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं मध्य प्रदेश ऐसे आदेश पत्र जारी करता रहा है और जिले में बैठे अधिकारी उनको हवा में उड़ाते रहे है। 

 

छतरपुर कलेक्टर संदीप जी आर अगर इन पत्रों को पालन करा लेते हैं तो स्वास्थ्य व्यवस्था जिला अस्पताल की ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नाम पर रिफर सेंटर स्थापित है उन में भी सुधार आएगा एवं सरकारी डॉक्टर जो अपने प्राइवेट क्लीनिक चला रहे हैं उन पर भी कड़ी कार्यवाही करने की जरूरत है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ सुविधा का लाभ मिल सके और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम की जा सके।

 

 सीएमएचओ छतरपुर डॉक्टर छतरपुर विजय पथोरिया को व्हाट्सएप के माध्यम से 

पत्र भेजा गया तो उन्होंने बताया यह नियम लागू है और जिले में एक भी अटैचमेंट नहीं है- जो की पूर्णता असत्य है।

 

महाराजपुर हॉस्पिटल में फिर प्राइवेट डॉक्टर बैठता है क्या

तो इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। 

 

सूत्रों की माने तो डॉक्टर आलोक चौरसिया की नियुक्ति ग्राम कुर्राहा में है वह महाराजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अटैचमेंट में है सरकारी डॉक्टर होने के बावजूद अपना निजी क्लीनिक अस्पताल के सामने संचालित कर रहे हैं इस कारण से महाराजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिफर सेंटर बना हुआ है बस पीएम जरूर सुविधा से हो जाते हैं।

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