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भोपाल

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और परिवहन आयुक्त मुकेश जैन की कारस्तानी ने मध्यप्रदेश को किया शर्मसार

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और परिवहन आयुक्त मुकेश जैन की कारस्तानी ने मध्यप्रदेश को किया शर्मसार

परिवहन विभाग की अवैध वसूली से नाराज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा खुला पत्र

क्या मध्यप्रदेश में अवैध वसूली करते मंत्री गोविंद सिंह राजपुत और आईपीएस मुकेश जैन

विजया पाठक,

      मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का सपना देखा था। लेकिन उनका यह सपना कब पूरा हो पाएगा कुछ कह पाना मुश्किल है। क्योंकि शिवराज सरकार में अफसरों से लेकर मंत्री तक सभी की मिलीभगत के कारण आज मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चौथे कार्यकाल की शुरुआत से ही ऐसे कई वाक्या सामने आये जिसमें स्पष्ट तौर पर देखा और समझा जा सकता है कि प्रदेश में किस हद तक भ्रष्टाचार बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक भ्रष्टाचार अगर किसी विभाग में बढ़ा है तो वह है राजस्व और परिवहन। देखा जाए तो पिछले कुछ समय से परिवहन और राजस्व विभागों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। इसका जीता जागता उदाहरण है केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का लिखा पत्र। इस पत्र में उन्होंने सीधे तौर पर संकेत दिये हैं कि प्रदेश का परिवहन विभाग अवैध वसूली से लेकर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा कर रहा है।

प्रदेश की छवि हो रही धूमिल

      नितिन गड़करी ने प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को लिखे पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा है कि प्रदेश के परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। टोल नाको पर वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो निश्चित ही यह मध्यप्रदेश की छवि को धूमिल करेगा। पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए नितिन गडकरी ने कहा है कि प्रदेश में परिवहन विभाग वसूली में लगा हुआ है। जिन बड़े वाहनों के कागजात पूरे हैं, उनसे भी वसूली की जा रही है। पत्र में गडकरी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार की इन गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाने के निेर्देश दिए हैं।

गोविंद राजपूत के इशारे पर होती है वसूली

      सूत्रों के अनुसार परिवहन विभाग में अवैध वसूली का सिलसिला आज से नहीं बल्कि शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल के शुरू होते ही हो गई थी। यह पूरी अवैध वसूली परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के इशारे पर हो रही है। यही नहीं राजपूत के इशारे पर ही राज्य अधीन हाईवे सड़कों पर भी छोटी-छोटी चुंगी बनाकर अवैध वसूली का सिलसिला चल रहा है। लेकिन इस अवैध वसूली पर न तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ध्यान गया है और न ही मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का।

इससे पहले भी कर चुके हैं शिकायत

      प्रदेश में परिवहन विभाग का वसूली अंदाज को लेकर नितिन गडकरी ने पूर्व मुख्य सचिव को भी चिट्टी लिखी थी, लेकिन परिहवन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के दबाव में तत्कालीन मुख्य सचिव ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया था। अपने क्षेत्र के एक कार्यकर्ता के साथ हुई अवैध वसूली का हवाला देते हुए गडकरी ने कहा कि मैं जेपी शर्मा पूर्व महामंत्री भाजपा नागपुर की ओर से निवेदन कर रहा हूं। मप्र के आरटीओ अधिकारियों एवं कर्मियों द्वारा चेक पोस्ट एंट्री के लिए पोस्ट पर गाड़ी के सारे कागजात ठीक पाए जाने पर और गाड़ी अंडरलोड पाई जाने पर किसी भी प्रकार की एंट्री भरने का प्रावधान नहीं है। फिर फी ट्रक ड्राइवर एवं मालिकों को परेशान किया जाता है।

आयुक्त मंत्री की जुगलबंदी पर खुला खेल

      परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार की यह जुगलबंदी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और परिवहन आयुक्त मुकेश जैन के बीच की है। सूत्रों के अनुसार मुकेश जैन और गोविंद सिंह राजपूत दोनों ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। इसलिए यह भी लाजमी है कि विभाग द्वारा की जा रही अवैध वसूली की एक बड़ी वजह सिंधिया भी हो सकते हैं। सिंधिया और राजपूत ने ही मिलकर भ्रष्टाचारी अफसर मुकेश जैन को परिवहन आयुक्त बनवाने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव बनाया था। जिस दिन से मुकेश जैन की नियुक्ति परिवहन आयुक्त के पद पर हुई थी उसी दिन से प्रदेश में सड़कों पर अवैध वसूली का सिलसिला शुरू हो गया था। मुकेश जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले ग्वालियर उच्च न्यायालय में भी दायर है।

आनन फानन में किया ट्रांसफर

      नितिन गडकरी का लेटर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिवराज सरकार ने आनन-फानन में परिवहन आयुक्त मुकेश जैन का तबादला किया। आपको बता दें कि यह वहीं भ्रष्टाचारी मुकेश जैन है जिनका वीडियो कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से नोटों से भरे बैग वसूली के रूप में लेते हुए जारी हुआ था। अगर शिवराज सरकार उस समय गोविंद सिंह राजपूत और ज्योतिरादित्य सिंधिया के दबाव में न आकर मुकेश जैन का तबादला कर देती तो आज यह नौबत नहीं आती कि गडकरी इस तरह से खुलेआम पत्र लिखकर मध्यप्रदेश के कारनामों का पर्दाफाश करते।

*दिलीप बिल्डकॉन वाले देवेंद्र जैन के भाई है मुकेश जैन*

      जानकारी के अनुसार परिवहन आयुक्त मुकेश जैन प्रदेश की प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी दिलीप बिल्डकॉन के पार्टनर रहे देवेंद्र जैन के भाई हैं। दोनों ही भाईयों की प्रवृत्ति भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की है। कुछ दिनों पहले ही एक टेंडर के सिलसिले में देवेंद्र जैन एनएचआई के अफसरों को घूस देते पकड़े गये थे। जिसके बाद दिलीप बिल्डकॉन कंपनी के मालिक दिलीप सूर्यवंशी ने अपने पावर का इस्तेमाल करते हुए इन्हें छुड़वाया था। वैसे उस मामले को पूरी तरह दबा दिया गया है। अब फिर से देवेंद्र जैन को पावर गैलरीज में देखा जा सकता है। वैसे मुकेश जैन के खिलाफ इतनी शिकायतों के बाद भी उनके करियर शानदार बना हुआ है। सरकार की ऐसी ही मेहरबानी रही तो उनको भविष्य का डीजीपी कहा जा रहा है। खैर अब यह तो सरकार ही तय करे कि ऐसे भ्रष्टचारी को सिरमौर बनाकर कब तब प्रदेश पर लांछन लगवाते रहेंगे।

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