– 70 के दशक के लिहाज से ‘शोले’ ओवर बजट फिल्म थी। इसकी अहम वजह थी फिल्म कि कई सीक्वेंस का काफी लंबे समय में शूट होना।
– 3 मिनट 20 सेकंड की को सिनेमाघरों में आते-आते करीब तीन साल का वक्त लगा था। दरअसल, रमेश सिप्पी ने मनचाहा इफेक्ट पाने के लिए कई सीन्स को बार-बार कराया। इतना ही नहीं, एक सीन के लिए तो उन्होंने करीब तीन साल का इंतजार भी किया था।
अमिताभ बच्चन ने किया था खुलासा
– एक इंटरव्यू के दौरान फिल्म में जय का रोल कर चुके अमिताभ बच्चन ने कहा था,”अगर आपको याद हो तो फिल्म के एक सीन में जाया कॉरिडोर में लैंप जलाने आते हैं और मैं बाहर बैठकर माउथऑर्गन बजाता हूं। हमारे डीओपी (डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी) मिस्टर दिवेचा को इस सीन को सूरज ढलने के वक्त एक खास रोशनी में शूट करना था। आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन रमेशजी ने फाइनल शॉट आने से पहले करीब तीन साल का वक्त सीन पर लगा दिया था।”
– “जब भी हम शूट के लिए तैयार होते, लाइटिंग में कुछ न कुछ गड़बड़ी होती। रमेशजी कहते थे कि जब तक करेक्ट लाइट नहीं मिलती, तब तक हम शूट के लिए नहीं जाएंगे। हमने करीब तीन साल का इंतजार इस सीन को शूट करने के लिए किया।”
ऋषभ जोशी
