इंदौर । जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच में अजब-गजब मामले सामने आ रहे हैं। सुनकर आप भी आश्चर्यचकित रह जाएंगे। दरअसल, मतदाता सूची में 15 मतदाताओं की उम्र और 7 हजार से अधिक परिवारों के पते पर ‘शून्य’ लिखा है। चुनाव अधिकारियों का मानना है कि मतदाता के लिए फॉर्म भरते समय यह गलती बीएलओ और बाबुओं के स्तर पर हुई है। डोर-टू-डोर सर्वे में मिली शिकायतों की सुनवाई के बाद ये खामी ठीक कर ली जाएगी।
जिला निर्वाचन कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक विधानसभा इंदौर-1 में 3, इंदौर-4 और महू में 2-2, राऊ विधानसभा में 7 और सांवेर विधानसभा में 1 वोटर की उम्र जीरो लिखी गई है। दिलचस्प पहलू ये है कि जीरो वर्ष आयु के बावजूद ये वोट डालने के लिए पात्र माने गए हैं जबकि भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, वोट डालने के लिए पात्र व्यक्ति की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
चुनाव आयोग का सॉफ्टवेयर यह भी बता रहा है कि 7103 परिवारों के पते पर शून्य लिखा हुआ है और कुछ जगह पता ही दर्ज नहीं है। डाटा देखने पर पता चलता है कि देपालपुर विधानसभा में 579, इंदौर-1 में 931, इंदौर-2 में 617, इंदौर-3 में 1595, इंदौर-4 में 403 और इंदौर-5 में 604 घरों का मकान नंबर शून्य लिखा गया है। इसी तरह विधानसभा महू में 223, राऊ में 975 और सांवेर विधानसभा में 1176 से अधिक परिवारों के घर का नंबर भी जीरो है। अधिकारी अपने बचाव में कह रहे हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर के पुराने सर्वे और विधानसभाओं के प्रभारियों द्वारा साफ्टवेयर में डाटा दर्ज करने के दौरान ये खामियां हुई हैं।
पुरुष मतदाताओं के पिता की जगह पति!
मतदाता सूचियों की एक और हास्यास्पद स्थिति सामने आई है। जिले में 273 पुरुष मतदाताओं के सामने उनके रिलेशन में पिता को पति बताया गया है। वास्तव में ये कॉलम महिला मतदाताओं के लिए होना चाहिए। पुरुष मतदाताओं के रिलेशन में सामने पिता का नाम लिखा जाता है, जबकि महिला मतदाताओं के लिए पति और पिता दोनों रिलेशन का उपयोग किया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि ये खामी भी जल्द ही दूर कर ली जाएगी।
अब ऐसे दूर होगी ये खामी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवीश श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह की गलतियां मतदाता बनाने के दौरान फॉर्म की इंट्री में हुई हैं। ऑपरेटर ने गलत जानकारी भरी होगी। अब ये गलती दो तरह से दूर हो सकती है। पहला तो यह कि बीएलओ अपने सर्वे में मिली खामी की जानकारी खुद लेकर आए और इसे ठीक कराए। दूसरा तरीका ये है कि मतदाता खुद जागरूक बने और फॉर्म-8 भरकर दे। फॉर्म-8 मतदाता सूची में वोटर की जानकारी में संशोधन के लिए होता है। बहरहाल मतदाता सूची का प्रथम प्रकाशन बाकी है। इस दौरान दावे-आपत्ति बुलाए जाएंगे, तब भी मतदाता अपने से संबंधित जानकारी का संशोधन करवा पाएंगे।
