जबलपुर। नवागत एसपी अमित सिंह की पहली जनसुनवाई पीड़ित और थाना प्रभारियों को हमेशा याद रहेगी। जनसुनवाई में ओमती क्षेत्र में रहने वाला एक युवक आया। उसने अपनी पत्नी की शिकायत करते हुए बताया कि उसकी पत्नी उसके घर में नहीं घुसने देती। विरोध करने पर पत्नी के भाई उसे धमकाकर भगा देते हैं। यह सुनते ही एसपी ने कहा, पत्नी से मोबाइल पर बात कराओ, तो युवक ने कहा कि उसके पास मोबाइल नहीं है।
इस पर एसपी बोले- इसलिए तो पत्नी विवाद करती है, कभी फिल्म दिखाने ले गए, होटल में खाना खिलाया..? जवाब में युवक ने न में सिर हिला दिया। यह देख एसपी ने कहा- पत्नी को मोबाइल दिलाओ, फिल्म संजू दिखाओ, खाना खिलाओ वह खुद ही मान जाएगी। घर के झगड़े बातचीत से ही सुलझा लिया करो, इसमें फायदा है, यदि पत्नी ने शिकायत की तो पुलिस कार्रवाई कर देगी। इसके बाद एसपी ने जब टीआई से इस मामले में बात की तो पता चला कि युवक के खिलाफ उसकी पत्नी ने दो दिन पहले ही शिकायत की है। इस पर वह युवक से बोले, तुम्हारी शिकायत हुई है इसलिए शिकायत करने आए हो। इसके बाद युवक कमरे से बाहर चला गया।
ऐसे ही एक मामले में पत्नी की शिकायत पर पति से बात करके एसपी श्री सिंह ने कहा कि पत्नी से सुलह कर लो। शिकायत पर कार्रवाई हुई, तो तुम्हें ज्यादा नुकसान होगा।
कुत्ते भगाना पुलिस का काम नहीं –
एक महिला ने बताया कि साहब पड़ोसी के कुत्ते ने बेटे को काटा है, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस पर एसपी ने संबंधित टीआई को फोनकर जानकारी मांगी, तो पता चला कि उसमें प्रकरण दर्ज है। जब महिला को जानकारी दी, तो उसने कहा कि कुत्ते को भगाने के लिए कहा था, लेकिन भगाया नहीं गया। जिसपर एसपी ने कहा कि यह पुलिस का काम नहीं है।
कई साल से शिकायत कर रहे नहीं हो रही कार्रवाई –
जनसुनवाई में ऐसे भी मामले आए जिसमें पीड़ितों ने कहा कि वह साल 2011 से लगातार शिकायत करने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। एसपी ने ऐसे प्रकरण के बारे में जानकारी जुटाई, तो पता चला कि सभी थाना क्षेत्रों में ऐसे कई प्रकरण हैं। इसमें घमापुर, गोहलपुर के ज्यादा मामले हैं।
सेट पर गूंजी जनसुनवाई की शिकायतें –
एसपी अमित सिंह ने जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की जानकारी के लिए वायरलेस सेट पर ही थाना प्रभारियों से जवाब तलब करना शुरू कर दिया। यह सुनते ही सभी थाना प्रभारियों के हाथ-पैर फूल गए। उन्होंने यहां-वहां के जवाब दिए, जिस सुनकर उनसे सभी पेंडिंग मामलों में क्या कार्रवाई हुई और कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसका जवाब तलब किया गया है।
एसपी का फोन नहीं उठा रहे हो, जनता की क्या समस्या हल करते होंगे –
घमापुर क्षेत्र में ज्यादा शिकायतें होने पर एसपी ने अपने मोबाइल से टीआई के सरकारी नंबर पर फोन किया। लेकिन फोन नहीं उठा। कुछ देर बाद उन्हें कॉल करके फोन पर बात करने के लिए कहा गया। टीआई घमापुर ने फोन पर बात की, तो एसपी ने कहा कि जब मेरा फोन नहीं उठा रहे आप, तो जनता की क्या समस्या हल करते होंगे। जवाब चाहिए, फोन क्यों नहीं उठाते। अब यदि किसी के सरकारी नंबर पर फोन आया और नहीं उठा, तो पुलिसिंग कैसे की जाती है यह बता दूंगा। एसपी ने इस बारे में निर्देश जारी करने को भी कहा है।
तुरंत जाकर रिपोर्ट लाओ, डॉक्टर न दे तो उसपर भी कार्रवाई करो –
एक महिला ने शिकायत की कि बरगी क्षेत्र में उसके परिजन का एक्सीडेंट हुआ था। जब भी वह थाने जाती है, तो एक एसआई मामले की डॉक्टरी रिपोर्ट नहीं आने की बात कहकर वापस भेज देते हैं। इसके बाद एसपी ने एसआई को फोन कर जानकारी मांगी। एसआई ने उन्हें भी रिपोर्ट नहीं मिलने की बात कह दी। जिस पर एसपी ने एसआई को फटकार लगाते हुए कहा कि रिपोर्ट अभी जाकर लाओ और इस मामले में कार्रवाई कर सूचना दो। यदि डॉक्टर रिपोर्ट नहीं देता है, तो उसपर भी कार्रवाई करो।
आपकी शर्मनाक हरकतें पता चली है, मामला दर्ज करवा रहा हूं –
महिला अपनी बेटी को लेकर शिकायत करने एसपी के पास पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति और जेठ जोधपुर में रहते हैं। दोनों ने मिलकर बेटी के साथ दुराचार का प्रयास किया है। किसी तरह वह बेटी को बचाकर शहर अपने मायके आ पाई है। एसपी ने महिला से कहा कि अपने पति से बात कराओ। जब बात कराई, तो एसपी ने कहा कि आपकी शर्मनाक हरकतों के बारे में आपकी पत्नी ने जानकारी दी है। मामला दर्ज करवा रहा हूं। इसके बाद ओमती टीआई को जीरो पर मामला दर्ज कर जोधपुर डायरी भिजवाने के निर्देश दिए।
