भोपाल। बुंदेलखंड क्षेत्र के तीन जिलों- छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में लंबे अरसे से मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग उठ रही है। यहां तीनों जिलों के लोग चाहते हैं कि मेडिकल कॉलेज उनके शहर में खुलेे। सीएम शिवराज सिंह ने पिछले दिनों कैबिनेट की मीटिंग में छतरपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी दे दी, लेकिन सवाल यह है कि या यह केवल एक चुनावी हथकंडा है। क्या छतरपुर के वोट हासिल करने के लिए शिवराज सिंह टीकमगढ़ और पन्ना की नाराजगी मोल लेने को तैयार हैं या इसके पीछे कोई दूसरा ही खेल जमाया गया है।
सवाल उठ रहा है कि क्या यह घोषणा सिर्फ चुनावी लाभ के लिए की गई है या वाकई सरकार की मंशा यहां के लोगों का दर्द हरने की है। राजनीतिक विश्लेषक रवींद्र व्यास का कहना है, चुनाव नजदीक है, सरकार या सत्ताधारी दल मतदाता को लुभाने का हर संभव प्रयास करेगा और यह लाजिमी भी है। शिवराज भी वही कर रहे हैं।
श्री व्यास का कहना है कि विपक्ष अपनी भूमिका ठीक तरह से निभा नहीं पा रहा है। वह सरकार की असफलताओं तक को गिनाने में कंजूसी करता है, जबकि सत्तापक्ष अपनी नाकामियों को भी खूबियां बताकर जनता के दिल में जगह बनाए हुए है। किसानों को फसल का उचित दाम नहीं मिला, भावांतर योजना भी कारगर नहीं रही, उसके बावजूद सरकार अपने को किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीट रही है।
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