जबलपुर। कैंट क्षेत्र स्थित यूनियन बैंक के एक अधिकारी ने 2 लाख रुपए लिए और बैंक रिकॉर्ड में गड़बड़ी करके पनागर के एक किसान की जमीन गिरवी रखवाकर 7 लाख की धोखाधड़ी कराई है। इसके बाद मुझे सिर्फ 40 हजार रुपए ही मिले हैं।
बीए सेकंड इयर के छात्र देवेंद्र सोंधिया (27) ने यह बात एसपी अमित सिंह को पूछताछ के दौरान बताई। पुलिस ने आरोपित छात्र व एक अन्य को पकड़कर यूनियन बैंक सदर की 7 लाख और आईसीआईसीआई बैंक अधारताल की 4 लाख की धोखाधड़ी का खुलासा किया है।
एसपी श्री सिंह ने बताया कि पनागर थानाक्षेत्र के ग्राम भिड़री कला निवासी किसान शुभम पटेल ने 27 जुलाई को कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके स्वामित्व की 5.740 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन ग्राम जुनवानी में है। इस जमीन को किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज बनाकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा छावनी सदर में गिरवी रखकर 7 लाख रुपये का लोन लिया है।
पनागर तहसील से खसरा की सत्यापित प्रति निकलवाने पर उसको धोखाधड़ी की जानकारी लगी। यह रिपोर्ट दर्ज होने पर एएसपी (शहर) अरविंद दुबे ने सीएसपी कैंट अर्जुन उइके को मामले की गंभीरता से विवेचना के निर्देश दिए। इसपर कैंट टीआई प्रवीण धुर्वे के नेतृत्व में मामले की लगातार विवेचना करते हुए साक्ष्य बटोरे गए।
बैंक मैनेजर भी शामिल
पुलिस विवेचना में यूनियन बैंक सदर से 8 जून को फर्जी ढंग से 7 लाख रुपए का लोन निकालने के मामले में तत्कालीन बैंक मैनेजर व दो गारंटर लिप्त पाए गए। तब कैंट पुलिस ने देवेन्द्र सोंधिया निवासी बड़ी संतोषी माता मंदिर लाल माटी और उसके फूफा ससुर राजकुमार यादव (62) निवासी सुभाष नगर महाराजपुर को गिरफ्तार कर लिया।
झूठे शपथ पत्र बनवाए
आरोपित देवेन्द्र ने राजकुमार के साथ मिलकर शुभम पटेल निवासी व्यास मोहल्ला पनागर के नाम से फर्जी शपथ पत्र, दस्तावेज बनवाए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर ही बैंक से लोन निकाला गया।
मौत के बाद भी निकाला 4 लाख का लोन
दोनों आरोपितों से पुलिस ने गंभीरता से पूछताछ की। तब आरोपित राजकुमार ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक अधारताल से उन्होंने ऐसे ही वर्ष-2016 में गौरीशंकर तिवारी निवासी रिछाई के नाम से 4 लाख रुपए का लोन निकाला था। जबकि गौरीशंकर की वर्ष 2013 में मौत हो चुकी है।
