तिहाड़ जेल में बंद कश्मीरी कैदियों से मारपीट के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और निंदनीय है
श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को सात दशकों से लटके कश्मीर मसले के हल के लिए पड़ोसी मुल्क से बातचीत की प्रक्रिया बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने तिहाड़ समेत देश की विभिन्न जेलों में बंद कश्मीरी कैदियों से मारपीट पर रोष जताते हुए उन्हें कश्मीर की जेलों में स्थानांतरित करने की मांग की है।
फारूक ने कहा कि अब समय आ गया है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहें कि हमें कश्मीर मसले का हल निकालना है, जो सभी के लिए बेहतर होगा। समय आ गया है कि पाकिस्तान से वार्ता प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाए। कश्मीर समस्या का समाधान निकाला जाए, जो हिंदोस्तान और पाकिस्तान के साथ जम्मू कश्मीर के तीनों संभागों के लोगों को मंजूर हो। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या ही दोनों मुल्कों के बीच तनाव का कारण है। यह मसला जंग से हल नहीं होगा क्योंकि 70 वर्षो में चार बार दोनों मुल्कों में जंग हो चुकी है, लेकिन मसला ज्यों का त्यों बना है। जंग किसी भी मसले का हल नहीं है।
तिहाड़ जेल में बंद कश्मीरी कैदियों से मारपीट के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और निंदनीय है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बेशक केंद्रीय गृह सचिव से इस विषय पर बात की है, लेकिन इससे कुछ नहीं होने वाला। पीडीपी-भाजपा की सरकार ने ही कश्मीरी कैदियों को तिहाड़ समेत हिंदोस्तान की अलग-अलग जेलों में भेजा है। केंद्रीय गृह सचिव से बात करने के बजाय मुख्यमंत्री को इन जेलों का दौरा कर कश्मीरी कैदियों की हालत देखनी चाहिए। मेरा आग्रह है कि वह जाएं और इन लोगों से मुलाकात करें। अगर उनकी हालत वाकई बुरी है तो उनको तुरंत कश्मीर की जेलों में स्थानांतरित किया जाए।
