छतरपुर- जिला अस्पताल और जिला की स्वास्थ्य सेवाएं किस हद तक बदहाल है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है । पोलियो मुक्त भारत के सपनों पर पानी फेरने वाले जिला के स्वास्थ्य अधिकारियों की बेशर्मी भी लोगों को बेचैन कर रही है ।
छतरपुर जिले में पिछले दो माह से पोलियो ड्राप नहीं है । इन दो माह में जिलेके अस्पतालों निजी नर्सिंग होम में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओ को पोलियो ड्राप नहीं पिलाई जा रही है । इस मसले पर जब सीएमएचओ डा वी एस बाजपेयी से पूछा गया तो उनका कहना था कि नहीं पर्याप्त है । में अभी सिविल सर्जन को बोलता हूँ । जब सिविल सर्जन डा आर पी पांडे ने भी इसी तरह का जबाब देते हुए कहा कि इन्चार्ज सिस्टर के पास है । वैक्सीन सेन्टर पर पता चला कि जिले में पिछले दो माह से पोलियो ड्राप नहीं है । इस कारण नवजात बच्चों को नहीं पिलाई जा रही है।
स्वयं सेवी संस्था सोशल मीडिया फाऊंडेशन- के उपाध्यक्ष आर के थापक ने इस पर चिंता जताई है । उन्होंने बताया कि एक ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से दुनिया के साथ भारत को पोलियो मुक्त करने का सरकार प्रयास कर रही है और दूसरी तरफ छतरपुर जिले के स्वास्थ्य अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर लापरवाही का परिचय दे रहे हैं । जिन्हें यह पता ही नहीं कि जिले में पिछले दो माह से पोलियो ड्राप नहीं है । इस कारण नवजात बच्चों को पोलियो ड्राप नहीं पिलाई जा रही है । ऐसे अधिकारियों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की क्या उम्मीद की जा सकती है ।
खेमराज चौरसिया की रिपोर्ट
