छतरपुर//महाराजपुर– शिव सागर तालाब के ओने की ज़मीन का अतिक्रमण 2008 में एसडीएम कोट ने आदेश दिया था और आज तक कई बार सीमांकन भी हुआ लेकिननगरपालिका और तहसील ने उस अतिक्रमण को नहीं हटा सकी आज 2019 फिर अतिक्रमण शुरू।
(सरकारी जमीने हाईस्कूल के बाजू से निकला दो जरीब का नाला जिस का सीमांकन तो कई बार हुआ पर कुछ प्राइवेट लोगों ने दूसरे नम्बरो की रजिस्ट्री कर बेचा दिया अब उसी पर निर्माण चालू)
मेन रोड पर बेशकीमती जमीन है जिसका सीमांकन भी नगरपालिका कराती रही लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा और डिग्री कॉलेज के पास की सरकारी जमीन( श्मशान की जमीन जिसके बटायंक के नम्बर में ही कॉलेज है) एसडीएम ने सरकारी भी घोषित कर तो दी लेकिन उसके बाद उसमे निर्माण होता रहा और नगर पालिका अधिकारी पटवारी तहसीलदार एसडीएम सभी लोग निकलते रहे देखते रहे और निर्माण हो गया और जारी भी है जमीन की कीमत कितनी है अंदाजा लगाया जा सकता है की कॉलेज उसी के बटायंक में है सूत्र बताते हैं।
आचार संहिता में नगर में कई जगह खुलेआम हो रहा सरकारी जमीनों में अतिक्रमण कोई देखने वाला ही नहीं या कहिए जीतनी मिठास उतना अतिक्रमण अधिकारियों को दिखता ही नहीं ।स्कूल कॉलेजों के सामने गुमटियों का जमावड़ा कुछ लोग बना बना कर ही रखते किराए पर देने के लिए बस स्टैंड से लेकर डिग्री कॉलेज आर आई क्वार्टर तक रोड पर गुमटियों का जमावड़ा है इस अतिक्रमण पर नतो कॉलेज के प्रिंसिपल को कोई आपत्ति हुई ना शासकीय हाई स्कूल के प्रिंसिपल को भले ही मांस मच्छी गुटखा कुछ भी बिकता रहे साहब को तो दो चार घंटे के लिए ही आना है निवास थोड़ी है जो किसी से बुराई ले और इन को हटावाये पिकनिक मनाने जैसे आना जाना होता है पिकनिक मनाई और छतरपुर वापिस पर बुराई कौन ले शायद यही सोच कर कोई कार्यवाही नहीं की और आज पूरे ने अतिक्रमण साहब की सोच आप हमारा हिसाब मत पूछो आप कुछ भी करते रहो और धीरे-धीरे करके अतिक्रमण हो गया जो अगर अभी नहीं हटाया गया तो निकट भविष्य में हटा पाना शायद प्रशासन के बूते की बात नहीं होगी हालत तो यह हो गई है कि मोमोज का ठेला लगाने वाला दुकान तो किराए कि लेता है लेकिन अपना ठेला और रोड पर लगाता है मना करने पर भी नहीं मानता हादसा होने के बाद जो होगा वह होगा।
.✍MP//छतरपुर//महाराजपुर:-संवाददाता:-खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता)
