भोपाल। ई-टेंडरिंग घोटाले की कहानियां सामने आने लगीं हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के छापे का शिकार हुई आईटी फर्म ऑसमो आईटी सेल्युशन प्राईवेट लिमिटेड को तत्कालीन शिवराज सिंह सरकार ने करोड़ों की जमीन कोड़ियों के दाम दे दी थी। आईटी पार्क में एक एकड़ जमीन मात्र 45 लाख रुपए में दी गई जबकि इसकी कीमत 5.66 करोड़ होती है।
ऑस्मो आईटी सॉल्यूशन उन चुनिंदा कंपनियों में शामिल हैं जो बड़वई में मिली जमीन की रजिस्ट्री करा चुकी हैं। कंपनी अपने क्लाइंट्स को टेंडर अलर्ट भी भेजती है। यानी जैसे ही कोई नया टेंडर आता है वह उसके लिए इच्छुक पार्टियों को तत्काल अलर्ट मैसेज भेजती है। कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से यह जमीन 5.66 करोड़ रुपए की होती है। यहां नवीनतम गाइडलाइन के हिसाब से जमीन का मूल्य 14,000 वर्ग मीटर है।
जांच के बीच TCS को 90 लाख रुपए का पेमेंट
ई-टेंडर घोटाले की जांच के बीच MPSEDC द्वारा 4 अप्रैल को TATA CONSULTANCY SERVICES को 90 लाख रुपए के भुगतान की जानकारी सामने आई है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के चेक क्रमांक 003158 से 4 अप्रैल को 90 लाख रुपए टीसीएस को दिए गए हैं। यह पूरा भुगतान एक करोड़ रुपए का था लेकिन 10 लाख रुपए टीडीएस काटकर भुगतान किया गया। टीसीएस का एमपीएसईडीसी पर फरवरी 18 से मई 18 तक 3.50 करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे ही जून 18 से दिसंबर 18 तक 2.50 करोड़ रुपए बकाया है। ई-टेंडर घोटाले में एफआईआर दर्ज किए जाने की सुगबुगाहट के बीच टीसीएस को हुए भुगतान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुमित गोलवलकर भी आरोपी है
ई-टेंडरिंग घोटाला मामले में ईओड्ब्ल्यू द्वारा ऑस्मो आईटी सोल्यूशन कंपनी के डॉयरेक्टर्स से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में ईओडब्ल्यू की टीम के सामने कई चौकानें वाले तथ्य आए है। ऑस्मों कंपनी के मार्केटिंग डायरेक्टर सुमित गोलवलकर के राजनीतिक कनेक्शन्स पर्दाफाश हुआ है।
