विशेष लेख –
5वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह पर अपने सभी संवादों में विवेक शेट्टी ने प्रभावशाली ढंग से यह सुझाव दिया कि योग को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने एफएम रेनबो एक घंटे का एक विशेष साक्षात्कार दिया। इसके साथ ही वह डीडी सह्याद्री पर योग पर विशेष चर्चा के विशेषज्ञ के पैनल का हिस्सा थे।
उन्होंने कहा कि जब हम अपने जीवन में हर तरह के गैजेट के सॉफ्टवेयर को जानते हैं, तो यह वास्तव में दुखद है कि हम मानव मन के सॉफ्टवेयर को नहीं जानते हैं, जो हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण गैजेट है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डिजिटल तकनीक के युग में इसकी जरूरत तेजी से महसूस की जा रह है कि हम मशीनों और रोबोटों से आगे रहने के लिए मानव मन के सॉफ्टवेयर को समझने पर ध्यान दें।
उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली ज्ञान और कौशल के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाती तो है लेकिन यह उन्हें समावेशी पहचान देने में विफल रहती है। और यह वह गिरावट है जो भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और समाज को बड़े पैमानेपर परेशान करने वाली कई अन्य समस्याओं के बढ़ते सूचकांक को दर्शाता है।
उन्होंने आगे जोर दिया कि एक से अधिक तरीकों से “योग” मानव शरीर के लिए उपयोगकर्ता पुस्तिका है और इसका जाति, पंथ और धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। अपनी विशिष्ट शैली में उन्होंने यह कहकर अपनी बात खत्म की कि “हर सांस योग है, हर विचार योग है, हर क्रिया योग है”।
हॉन्को व इंडस कम्यूनिकेशंस के प्रमुख विवेक शेट्टी एक प्रेरक वक्ता और योग, जीवन विज्ञान और रहस्यवादी ज्ञान पर मजबूत पकड़ रखने वाले कोच रहे हैं। 15 से अधिक वर्षों के अपने अनुभव में 400 से अधिक व्याख्यान और सेशंस उनकी उपलब्धि में शामिल हैं। ये व्याख्यान और सेशन अग्रणी कॉर्पोरेट समूहों, प्रबंधन संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, चिकित्सा और इंजीनियरिंग कॉलेजों, अंतरराष्ट्रीय स्कूलों और विभिन्न प्रबंधन मंचों पर हुए हैं।
