विजया पाठक
बहुचर्चित हनीट्रेप मामले में इंदौर के जीतू सोनी के यहां छापेमारी से यह मामला खत्म नहीं हुआ है। इस जाल में फंसे कई मगरमच्छ आईएएस अफसरों का खुलासा होना बाकी है। सिर्फ जनसंपर्क विभाग में पदस्थ रहे चार आईएएस अफसर भी हनी ट्रेप मामले में फंसे हुए हैं। इनमें से दो प्रमोटी आईएएस है जबकि दो डायरेक्ट आईएएस हैं। अभी तो सिर्फ पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के खास प्रमोटी आईएएस एस.के. मिश्रा का वीडियो वायरल हुआ है। इसके अलावा तीन आईएएस अफसर पीएस स्तर के अधिकारी हैं। ये चारों अफसर जनसंपर्क विभाग के मुखिया रह चुके हैं। हम नाम उजागर नहीं करना चाहते हैं। ये चारों आईएएस अफसरों ने हनी ट्रेप में फंसी युवतियों पर पानी की तरह सरकारी पैसा लुटाया। जनसंपर्क विभाग में बैठकर करोड़ों रूपये लुटाया। आज भले ही कमलनाथ सरकार नाम उजागर करने वाली संस्थाओं पर पहरेदारी कर रही है लेकिन एक न एक दिन हनीट्रेप का पूरा सच लोगों के सामने आऐगा। इस मामले में सिर्फ पूर्ववर्ती शिवराज सरकार पर ही दाग नही हैं वर्तमान कमलनाथ सरकार भी इस दल-दल में फंसी है। ये प्रदेश का दुर्भाग्य है कि जनसंपर्क विभाग के प्रमुख अफसर भी ऐसे मामले में फंसे हुए हैं। यह दुर्भाग्य आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। जो भी अफसर इस विभाग का प्रमुख बना उसमें से कुछ अफसरों का बदनामी में चोली-दामन का साथ रहा। जबकि सरकार में जनसंपर्क विभाग को सबसे प्रमुख विभाग माना जाता है, जहां से सरकार की नीतियों और रणनीतियों का प्रचार-प्रसार किया जाता है। यदि ऐसे विभागों में चरित्रहीन अफसरों का जमावड़ा होगा तो प्रदेश का भविष्य क्या होगा। उससे भी बड़ा दुर्भाग्य है कि वर्तमान में ऐसे विभाग का मंत्री पी.सी. शर्मा है, जो कमलनाथ सरकार का पर्दे के पीछे से बट्टा बिठाने पर तुला है। मतलब साफ है कि बिल्ली भले ही आंख बंद करके दूध पीती हो पर दिखता सबको है। जनसंपर्क की ये बिल्ली भी गलतफहमी में है कि उसे कोई नहीं देख रहा है।
