@सैयद ख़ालिद कैस -8770806210
भोपाल। देश भर में केंद्र की बीजेपी सरकार के सीएए और एनआरसी का विरोध प्रदर्शन अपने चरम पर है । विपक्ष और अन्य संगठन पुरजोर तरीके से घबराई भाजपा अपनी छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए अब तक नए नए तरीके अपना रही है । अपने अड़ियल रवैये को कायम रखने वाली भाजपा ने सभी विरोधों को दरकिनार कर अन्ततः 10जनवरी को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 सारे भारत में (सिक्किम , केन्द्र शासित प्रदेशो व अन्य को छोड़कर )लागू कर दिया । इस सबने यह साबित कर दिया कि मोदी सरकार झुकने को तैयार नही है । इसी बीच राजधानी भोपाल में भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेताओ ने बीजेपी सरकार के सीएए और एनआरसी का विरोध स्वरूप त्यागपत्र देना आरम्भ कर दिया जो भाजपा नेतृत्व को अब नागवार गुजर रहा है । ऐसे में सीएए और एनआरसी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के मीडिया प्रभारी के शामिल होने की सूचना बीजेपी संगठन को मिल रही थी । भाजपा अल्पसंख्यक नेताओ के इस्तीफों के चले दौर ने भाजपा की इमेज को डिमेज कर डाला ।भाजपा को सीएए और एनआरसी का विरोध भाजपा नेता द्वारा किया जाना रास नही आया । बीजेपी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है और उसने सीएए के विरोध का समर्थन करने वाले अपने नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बीजेपी संगठन ने सीएए के विरोध में उतरे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी जावेद बेग पर कार्रवाई करते हुए विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाल दिया । बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी जावेद बेग को हटाने से पहले खरगोन और गुना में बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के नेताओं ने इस्तीफे सौंपने शुरू कर दिए थे। खरगोन में जिले भर के बीजेपी अल्पसंख्यक पधादिकारी सदस्य सामूहिक रूप से इस्तीफा देना बीजेपी कार्यालय पहुंचे थे। बीजेपी अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष समेत 176 अल्पसंख्यक कार्यकर्ताओं ने नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में इस्तीफे दिए हैं।
भाजपा नेतृत्व द्वारा बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी जावेद बेग को निष्कासित करने के कदम से यह साफ जाहिर हो गया है कि भाजपा अपने हर फैसले पर नतमस्तक होकर अमल करने वालों को पसंद करती है विरोध चाहे जायज़ ही क्यो ना हो भाजपा को मंजूर नही ।
