मध्य प्रदेश/ छतरपुर/ महाराजपुर-22/08/2020
छतरपुर ज़िले की महाराजपुर नगर पालिका इन दिनों चर्चा में है जहां क्षेत्रीय विधायक नीरज दीक्षित के विधायक निधि से कराए जा रहे पार्क निर्माणोंकार्य चर्चा में है।
जिसमें नगर पालिका महाराजपुर के पास जमीन ही नहीं पर निर्माण कार्य विधायक की निधी की धनराशि से हो रहा है उस पर रोक बे टोंक निर्माण कार्य किया जा रहा है नियम कानून ,
निर्माण गुणवत्ता की बात करना बेमानी होगी भले ही विधायक नीरज दीक्षित का नाम ही क्यों न बदनाम हो जाए मामला प्रतिनिधि की निधि का है।
नगर पालिका महाराजपुर नगर में कितने पार्कों का निर्माण करा रही है इसकी जानकारी भी नगरपालिका द्वारा अगर उपलब्ध हो जाए यह संभव नहीं है। नगर पालिका में तो सूचना का अधिकार लागू ही नहीं है। कार्यालय में आवेदन नहीं लिया तो इस संबंध में भी रजिस्टर्ड डाक क्र R I 501508209 IN से सूचना के अधिकार का आवेदन दिनांक 21/07/2020 को भेजा गया था पर जानकारी नहीं मिली समय सीमा भी खत्म हुई कार्यालय जाने उपरांत जानकारी नहीं मिली।
नगर पालिका में पदस्थ प्रभारी सीएमओ पवन शर्मा उपयंत्री दीपांशु पटेरिया तो वही संदीप शर्मा भी अकाउंटेंट का कार्य कर रहे है ऐसी जानकारी मिल रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 वार्डों की नगरपालिका महाराजपुर में के कई वार्ड में विधायक निधि से लाखों रुपए की लागत से एक-एक पार्कों का निर्माण कराया जा रहा है जिनमें करोड़ों रुपए की लागत भी आनी है । पर नगर पालिका महाराजपुर के पास पार्क निर्माण के लिए के पास नगरपालिका के नाम पर जमीन हस्तांतरित नहीं है। और ना ही दूसरे विभागों ने नगरपालिका के नाम पर ट्रांसफर की है।
विभाग के पास खुद की जमीन है नही तो पार्क दूसरे विभागों की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए जा रहे हैं जिन की स्वीकृति भी नहीं ली गई शासकीय राशि का दुरुपयोग ही कहा जाएगा जिन जमीनों में पार्क निर्माण हो रहा है।राजस्व विभाग, गौठान की ,वन विभाग, और सूत्र बताते हैं कि कुछ निजी जमीन भी हैं। यह बात जांच उपरांत ही निकलकर आएगी कितनी सही है।
इसी संबंध में एक शिकायत कलेक्टर छतरपुर शैलेंद्र सिंह से की गई थी जोकि वार्ड नंबर 2 डिग्री कॉलेज के पास मैन रोड पर है जिसकी शिकायत खेमराज चौरसिया आईटीआई कार्यकर्ता ने 17 /06/2020 को नक्शा खसरा नंबर 1145 ग्राम कुस्मा जोत हल्क महाराजपुर के दस्तावेज सहित की थी जोकि जांच के लिए अनु विभाग नौगांव के अधिकारी विनय द्विवेदी के कार्यालय में दिनांक 25/06/2020 को पहुंची वहीं एसडीएम कार्यालय ने जांच के लिए महाराजपुर तहसील भेजी पहुंचते-पहुंचते दिनांक 29/06/2020 तक का समय लगा।
जिसमें तहसील कार्यालय ने पटवारी प्रतिवेदन भी 04/07/2020 को हो गया परंतु महाराजपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार आनंद कुमार जैन जी आज दिनांक तक भी काम को नहीं रुकवा पाए और ना ही नगरपालिका से सवाल-जवाब कर पाए काम युद्ध स्तर पर जारी है चर्चा तो यह भी आम है कि काम ना रुकवाने का ठेका महोदय के पास ही है जिसे बदस्तूर निभाया जा रहा ह विश्वसनीय सूत्रों की जानकारी भी बेहद सटीक है।
कलेक्टर छतरपुर से इस संबंध में जब शिकायत की गई थी तो महाराजपुर नगरपालिका अंतर्गत एक भी पार्क में एक रुपए का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया था।
वही नगर पालिका की बात अगर की जाए तो नगर पालिका में बैठे अधिकारी विधायक निधि के कार्य को निर्माण के पूर्व ही पैसा रिलीज करने की जानकारी सूत्रों से मिल रही है जो जांच उपरांत ही क्लियर हो पाएगी कितनी सच्चाई इसमें है।
महामारी के दौर और न्यायालय का आम आदमी के लिए अवकाश भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए इस मामले पर सटीक बैठता है जिसमें करोड़ों रुपए की राशि का बंदरबांट किए जाने की आशंका है जब विभाग के पास जमीने ही नहीं तो निर्माण की स्वीकृति कैसे दे दी गई यह भी एक सवाल उठता है।
अब इस मामले में राज्यपाल मध्य प्रदेश , मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को भी शिकायत की गई है जिससे दोषियों पर शासकीय की धनराशि दुरुपयोग एवं नियम विरुद्ध तरीके से कार्य करने पर दोषियों पर कार्यवाही एवं शासकीय धनराशि की वसूली की जा सके।
.MP//छतरपुर//महाराजपुर✍संवाददाता:-@खेमराज चौरसिया(आरटीआई कार्यकर्ता)9893998100
