एक्सक्लूसिव इंटरव्यू……..भारतीय तकनीक और प्रभावी मिशन से नासा बेहद प्रभावित
अंतरिक्ष कार्यक्रम युवाओं के उज्जवल भविष्य की नई राह हैं – वैज्ञानिक अपूर्वा
अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसी की सलाहकार बोर्ड की सदस्य, विभिन्न अंतरिक्ष प्रोजेक्ट्स में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व, महाराष्ट्र इंजीनियरिंग संस्थान से 2008 में लेडी सांइटिस्ट अवार्ड , नासिक इंजीनियरिंग संस्थान से 2005 में अवार्ड सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित, नासा में पिछले दस सालों से कार्यरत वैज्ञानिक अपूर्वा जाखडी से अंतरिक्ष विषय पर बात की। अपूर्वा ने न्यूयार्क से ओनलाईन सवालों के जवाब दिए। पाठकों के लिए बातचीत के मुख्य अंश जो अंतरिक्ष जैसे अछूते विषय पर प्रकाश डालते हैं और युवा वर्ग को एक नई राह बताते हैं ……..
प्रश्न- युवाओं के लिए भारत में अंतरिक्ष कार्यक्रमों का भविष्य क्या है?
वैज्ञानिक अपूर्वा – वास्तव में भविष्य बेहद उज्ज्वल है, यह उन लोगों के लिए आशाजनक है जो इसे करियर के रूप में लेना चाहते हैं। भारत को पहले अपनी अत्याधुनिक तकनीक के साथ सर्वश्रष्ठ क्लब में शामिल किया गया है और पिछले कुछ दशकों में उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक में विशेष रूप से महारत हासिल की है। उपग्रहों को ऑर्बिट में छोड़ने के लिए पीएसएलवी और जीएसएलवी का उपयोग हो रहा हैं।
प्रश्न – क्या अंतरिक्ष परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी अंतरिक्ष के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा करेगी?
वैज्ञानिक अपूर्वा – हाँ, यह एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा और अच्छे व्यावसायिक अवसरों के लिए दरवाजे खोलेगा। उदाहरण के लिए. संयुक्त राज्य अमेरिका में स्पेस एक्स की तरह।
प्रश्न -किसी भी उपग्रह को लॉन्च करने में बहुत खर्च होता है, देश के लिए कम बजट की परियोजनाएं कितनी प्रभावी होंगी?
वैज्ञानिक अपूर्वा – वास्तव में, सैटेलाइट लॉन्चिंग काफी महंगा है। लेकिन, मुख्य उपग्रहों के अलावा कई यात्री उपग्रहों को लॉन्च करना बेहद प्रभावी साबित होगा और, भारत ने यह सफलतापूर्वक किया है।
प्रश्न – नासा में एक भारतीय के रूप में आपका अनुभव क्या है ?
वैज्ञानिक अपूर्वा – अंतरिक्ष में रहने वाले राष्ट्र के रूप में, नासा का भारत के लिए बहुत सम्मान है। वे हमारे मिशनों की सराहना करते हैं, कुछ कारणों से- हमारी प्रभावी तकनीक और लागत प्रभावी मिशन जो बेहद सफल रहे हैं उदाहरण के लिए. मंगलयान, चंद्रयान। वास्तव में, इसरो और नासा के कुछ संयुक्त और सहयोगी मिशन हैं। एक भारतीय के रूप में, वे वास्तव में हमारे तार्किक दिमागों, वैज्ञानिक सोच के तरीके, हमारे सहायक प्रकृति और सहयोगी दिमाग की सराहना करते हैं।
प्रश्न – भारतीय युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए?
वैज्ञानिक अपूर्वा – सरकार को पहले कुछ अंतरिक्ष विषयों और परियोजना के काम को माध्यमिक शिक्षा पाठ्यक्रम के एक भाग के रूप में पेश करना चाहिए। इसके अलावा, युवा वैज्ञानिकों के लिए, उन्हें कुछ व्यावहारिक परियोजनाओं को प्रोत्साहित और निधि देना चाहिए। सरकार को युवा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को अपने यूजी और पीजी स्तरों के लिए कुछ परियोजनाएं करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए इसरो, एनएएल, डीआरडीओ, एडीए, सीएसआईआर, आदि के साथ। अंतरिक्ष कार्यक्रम व प्रोजेक्ट्स युवा वर्ग के कैरियर की नई राहें खोलेंगें। इसमें उनका उज्जवल भविष्य छिपा है साथ ही दुनिया में भारतीय प्रतिभाओं को रुबरु कराने का अवसर भी है।
प्रश्न – आप ओरबिटिक्स इंडिया एयरोस्पेस अंतरिक्ष कार्यक्रम की परियोजनाओं की सहयोग या मार्गदर्शन कैसे करेंगे?
वैज्ञानिक अपूर्वा -एक अंतरिक्ष शिक्षक के रूप में, मैं विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने में मदद कर सकती हूं। इसके अलावा, अन्तरिक्ष तकनीकी व वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में मदद करूँगी। ओर्बिटक्स इंडिया एयरोस्पेस के अंतरिक्ष मिशनों के मूल्यांकन में मदद करूँगी।
परिवार…..
महाराष्ट्र प्रदेश के नासिक में जन्मी अपूर्वा जाखडी के पिता श्रीकांत कुलकर्णी स्वयं इंजीनियर हैं, माता शैलजा कुलकर्णी ग्रहणी है। पति धनंजय जाखडी श्री इंजीनियर्स कंपनी नासिक के निदेशक हैं।

राजस्थान में स्पेस प्रोजेक्ट की शीघ्र शुरुआत
राजस्थान के जयपुर में स्पेस प्रोजेक्ट शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है। राज्य के युवाओं के लिए यह कार्यक्रम एक नया अवसर खोलेगा। ओर्बिटक्स इंडिया ऐरोस्पेस नामक कंपनी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अपने छोटे साईज के राॅकेट निर्माण के प्रोजेक्ट का नाम अटल-1 तथा अटल-2 रखा है। अटल-1 श्रेणी के रॉकेट डिजाइन पूरा कर लिया है, जिसके भागों का परिक्षण निम्न स्तर पर चल रहा है।
– सैयद मुजफ्फर अली, पत्रकार
राजस्थान स्टेट चेयरमैन
प्रैस क्लब आॅफ वर्किंग जर्नलिस्ट
