विभिन्न राज्यों में किसानों के पक्ष में सडक पर उतरे बोर्ड के पदाधिकारी
दिल्ली में किसानों के प्रदर्षन पर पुलिस का जुल्म निंदनीय- बुनई हसनी
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आॅल इंडिया उलेमा बोर्ड ने समर्थन किया है। देष के विभिन्न राज्यों में हो रहे किसानों के विरोध प्रदर्षन और आदोंलन के पक्ष में आॅल इंडिया उलेमा बोर्ड के पदाधिकारी और सदस्य बढ चढ कर हिस्सा ले रहे हैं। बोर्ड के फाउंडर और राश्ट्रीय महासचिव अल्लामा बुनई हसनी ने केन्द्र सरकार से नया कृशि कानून तुरंत वापस लेने की मांग की है। उलेमा बोर्ड के कर्नाटक सदर अब्दुल सुभान, महाराश्ट्र सदर मौलाना जाकिर हुसैन, पष्चिम बंगाल सदर अल्लामा मुफती खालिद हैदरी, बिहार सदर मौलाना सदरे आलम नौमानी ने दिल्ली में विरोध प्रदर्षन कर रहे हजारों किसानों पर सर्दी में पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोडने की कडी षब्दों में निंदा की है। महासचिव बुनई हुसैन किसानों पर पानी की बौछार और आंसू गैस के गोले छोडने को किसानों पर जुल्म ओ सितम करना करार दिया है। इसी संबंध में पष्चिम बंगाल में उलेमा बोर्ड बंगाल सूबे के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने सरदार सावन सिंह के आहवान पर आयोजित जुलूस और विरोध प्रदर्षन में हिस्सा लिया जिसमें भारी संख्यां में किसानों और आम लोगों का हुजूम उमडा। सोमवार 30 नवंबर को कोलकाता में निकाले गए जुलूस और विरोध प्रदर्षन में उलेमा बोर्ड बंगाल के पदाधिकारियों अल्लामा मुफती खालिद हैदरी, मौलाना अब्दुल रहमान जामी, मौलाना काजी असद हुसैनी, कारी रहमान यूसूफी, सैयद मोहम्मद कमर आलम कासमी, राफे महमूद सिददीकी, डा. षेख नदीम, अहमद, अब्दुल वाहिद, सैयद एजाज अली , मोहतरमा तरमीम बानो समेत बोर्ड के सदस्यों ने हिस्सा लिया और मीडिया के सामने केन्द्र सरकार से अपील की कि वे किसानों के भारी विरोध को देखते हुए कृशि कानून को खत्म करे।
