26 जनवरी को जब देश गणतन्त्र दिवस की 69 वीं वर्ष गांठ मना रहा था देश व प्रदेशों की राजधानियों से लेकर ज़िला प्रशासन ओर पुलिस प्रशासन के सम्बंधित अधिकारी यहां तक की देश का हर नागरिक देश प्रम से ओतप्रोत जश्न मे डूब कर देश का वार्षिक पर्व मना रहा था वहीं कुछ नवयुवक मोटर साईकिलों पर सवार तिरंगा रैली का नाम देकर छोटे-छोटे नगरों मे भारत मे रहना होगा तो वंदेमातरम कहना होगा जेसे गगनभेदी नारे लगाते हुऐ निकलते हें इन युवकों के हाथों तिरंगे कम भगवा झंडे अधिक दिखाई दे रहे थे देश की आज़ादी के जश्न के समय तिरंगा रेली निकालना ओर देश वासियों को देश प्रेम का संदेश देना प्रत्येक देश वासी का करतव्य हे परन्तु किसी को निशाना बनाकर या किसी सम्प्रदाय विशेष के क्षेत्रों मे जाकर उन्हें झगड़े के लिऐ उक्साना या उनके साथ अपशब्द कहते हुऐ उनके धार्मिक स्थलों को क्षतिग्रस्त करने जेसे कार्य करना साफ ईशारा कर रहा हे कि ये सब देश को सामप्रदायिकता की आग मे झोकने की सोची समझी नापाक साज़िश हे जो सत्ता के नशे मे चूर भगवा आतंकवादियों के द्धारा रचि गयी हे क्यों कि कासगंज जेसे प्रयास अमरोहा नगर मे भी किऐ गये थे परन्तु यहां भगवा अतंकियों की एक न चली ओर वह थोड़ा बहुत समय हुढदंग कर वापस लोट गये बात उस समय की हे जब दिन के लग भग ग्यारह बजे होंगे अमरोहा नगरपालिका कार्यालय मे झण्डा रोहण कार्यक्रम समापन के बाद जब पालिकाध्यक्षा शशि जैन, व अन्य अमला मण्डी समिति स्थित पुलिस लाइन मे आयोजित कार्यक्रम मे भाग लेने चले गये तो दस से पन्द्रह मोटरसाइकिलों पर सवार युवक जिनकी संख्या तीस से पेंतीस बताई गई हे हाथों मे भगवा झण्डे लिऐ पालिका कार्यालय मे आऐ ओर भारत मे रहना हे तो वन्देमातरम कहना होगा ,जयश्रीराम आदि जेसे नारे लगा रहे थे यह युवक कुछ प्रतिक्रिया होती न देख कुछ देर बाद वापस चले गये जहां तक अख़बारात के माध्यम से मालूम हुआ कासगंज मे भी कुछ इसी तरह की प्रक्रिया भगवा आतंकियों द्धारा अपनाई गई परन्तु जब समुदाय विशेष ने सब कुछ सहन करते हुऐ बीच बचाव की मुद्रा अपनाई परन्तु भगवा आतंकवादीयों दो हाथ आगे बढ़कर दाढ़ी वाले व्यक्ति को पकड़ कर उसके साथ अभद्रता की हदें लांघते हुऐ मानवीय मर्यादाऐं पार करते हुऐ समुदाय विशेष के युवकों को उकसाने का प्रयास करने लगे फिर भी समुदाय विशेष के युवकों ने संयम नही छोड़ा
धन्य हें वह लोग जो सब कुछ बर्दाशत करते रहे ओर भगवा आतंकी उनके घरों मे घुस कर तांडव मचाते रहे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपने तांडव पर समुदाय विशेष की प्रतिक्रिया न होने पर अपनी सामप्रदायिक साजिश को नाकाम होता देख तिरंगा यात्रा मे सम्मिलित भगवा आतंकियों मे से किसी ने अपने ही साथी के गोली मार कर मामूली कहा सुनी को अपनी मंशानुसार सामप्रदायिकता का रंग देते हुऐ समप्रदाय विशेष पर हिन्दू युवक की गोली मार कर हत्या करने का मनघडंत आरोप लगा कर सामप्रदायिक तांडव कर कासगंज को जबरन झगड़े की आग मे धकेलते हुऐ सामप्रदाय विशेष के धार्मिक स्थल को न केवल आग लगा दी बल्कि नगर मे कार से जा रहे दाड़ी वाले युवक को रोक कर उस के गोली मारदी जो कि उसके सर मे लगी इतना ही नही सामप्रदाय विशेष की दुकाने भी लूटली गई
26 जनवरी के अवसर पर अमरोहा व कासगंज मे किऐ गये विहिप ओर एबीवीपी जेसी हिन्दू संस्थाओं देश प्रेम की आढ़ मे किऐ गये कार्यक्रमों से साफ प्रतीत हो रहा हे कि देश व ख़ासकर उत्तर प्रदेश को सामप्रदायिकता की आग मे झोंकने की भगवा आतंकियों की सोची समझी साजिश हे जिसके तहत इस बार छोटे छोटे नगरों को निशाने पर रखा गया हे क्यों कि मेरठ,मुरादाबाद, अलीगढ़ जेसे सभय महानगरों की जनता भगवा आतंकवाद को पहचान चुकी हे
लिहाज़ा दोज़ार उन्निस के आम संसदीय चुनावों से पूर्व देश कि जनता को धर्मान्धता का शिकार बनाकर सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी ,की संचालक संघ व उसकी सहयोगी शाख़ाऐं उत्तर प्रदेश से देश को सामप्रदायिकता की आग मे झोंकने की नापाक साज़िश न केवल रच चुके हे बल्कि उस पर काम भी शुरु किया जा चुका हे जो कि कासगंज की शकल मे देश के सामने हे
हम ज़ियादा कुछ न कहकर देश के शान्ति प्रिय करोड़ो हिन्द मुस्लिम अवाम से यही अपील करेंगे कि वह बहकावे मे न आकर कासगंज के समप्रदाय विशेष की तरह देश की एक्ता व अखंडता को मज़बूती प्रदान करने के लिऐं संयम बरतते हुऐ सामप्रदायिक शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिऐ एकजुट होकर कहें जय हिंद,
