भोपाल। कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए राकेश चौधरी अंतत: राज्यसभा नहीं जा पाए। भाजपा की ओर से राज्यसभा जाने वाले चारों प्रत्याशियों के नामों का ऐलान हो चुका है, लेकिन इसमें राकेश चौधरी का नाम इसमें शामिल नहीं है।
मप्र से खाली हो रही राज्यसभा सीटो के लिए चुनाव हो रहा है।
विधायको की संख्या के आधार पर बीजेपी से चार लोगों का चुना जाना तय है। दो दिन पहले पार्टी की ओर से केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत और धर्मेन्द्र प्रधान के नाम घोषित किए जा चुके हैं। शेष दो नाम के लिए पैनल में कई नाम प्रदेश भाजपा की चुनाव समिति ने तय करके केन्द्रीय चुनाव समिति को भेजे थे। रविवार को केन्द्रीय चुनाव समिति ने इन नामों की भी घोषणा कर दी। यह दो प्रत्याशी हैं कैलाश सोनी और अजय प्रताप सिंह।
गौरतलब है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री राकेश चौधरी ने इस दफा राज्यसभा के लिए पूरा जोर लगाया था।
राकेश चौधरी ने विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश करते समय कांग्रेस पार्टी छोडकर कुछ साल पहले बडा राजनैतिक धमाका किया था। चलते सदन में कांग्रेस का साथ छोडकर चौधरी बीजेपी में शामिल हो गए थे।
दलबदल करते वक्त मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उन्हे राज्यसभा में भिजवाने और छोटे भाई चौधरी मुकेश सिंह को विधानसभा का टिकट देने का वादा किया था। मुकेश चौधरी को पिछले विधानसभा चुनाव में मेहगांव भिण्ड से बीजेपी का टिकट मिला और वह जीत भी गए ।
ऐसे में चौधरी राकेश सिंह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को अपना वादा याद दिलाकर उम्मीदवारी के लिए ताल ठोंक रहे थे। इसी रणनीति से चौधरी राकेश सिंह के बीजेपी में असंतुष्ट होने की खबरे भी पिछले कुछ महीने से सामने आ लायी जा रही थीं। उनके कांग्रेस में वापसी की खबरे भी चलती रहती है।
सूत्रों के मुताबिकि कि पार्टी में भारी विरोध के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चाहकर भी राकेश चौधरी को राज्यसभा का टिकिट नहीं दिला पाए। देखना यह है कि अब राकेश चौधरी भविष्य में क्या कदम उठाते हैं। उनके लिए कांग्रेस में वापिसी की राह भी आसान नहीं है।
