लवकुशनगर। अर्द्धरात्रि में सोते समय नाबालिग के साथ दुराचार करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश् भारत सिंह रावत की अदालत ने दुराचारी को दोषी करार देकर उम्रकैद के एक हजार रुपए के जुर्माना की सजा दी। कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया।
एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि नाबालिग पीड़िता ने हिनौता थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 20-21 जून 2016 की दरम्यानी रात्रि करीब 1 बजे वह अपने घर के बारह घटिया पर सो रही थी। बगल में ही उसकी 3 साल की छोटी बहिन भी सो रही थी। पीड़िता को कमर में दर्द होने पर उसकी नींद खुल गई। पीड़िता ने देखा कि उसके साथ रतनपुरा घूरा पुरवा गांव का वंशगोपाल उर्फ वंशु पटेल लेटा था। आरोपी वंशगोपाल उसके साथ दुराचार कर रहा था। पीड़िता के चिल्लाने पर उसके पिता, चाचा बगैरह दौड़े जिन्हें देखकर आरोपी वंशगोपाल मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामला दर्ज करके आरोपी वंशगोपाल को गिरफ्तार किया और एसआई डीके पुष्पकार ने विवेचना उपरांत मामला अदालत में पेश किया।
न्यायाधीश भारत सिंह रावत की कोर्ट ने सुनाई सजा–
अभियोजन की ओर से एजीपी ऋषि कुमार बिलथरे ने पैरवी करते हुए मामले के सभी सबूत एवं गवाह कोर्ट के सामने पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश भारत सिंह रावत की अदालत ने फैसला सुनाया कि आरोपी वंशगोपाल छेड़छाड़ दुराचार करने जैसे अपराधो को करने का आदि है। कोर्ट ने आरोपी वंशगोपल पटेल को दोषी करार देकर आईपीसी की धारा 376(ढ), 376(2)(झ) में आरोपी वंशगोपाल को एक हजार रुपए जुर्माना के साथ उसके शेष बचे जीवन काल को जेल में बिताने की सजा सुनाई। साथ ही लैगिग अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम की धारा 3/4 में आजीवन कारावास के एक हजार रुपए के जुर्माना, धारा 7/8 में पांच साल की कठोर कैद के साथ एक हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई।
