नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई करने वाले विशेष जज बीएच लोया की संदिग्ध परिस्थितियों हुई मृत्यु की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं गुरुवार को खारिज कर दी. जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है. विपक्षी दलों ने जहां आगे की रणनीति तय करने के लिए आज बैठक बुलाई है. वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि कांग्रेस बेनकाब हो चुकी है.
सूत्रों ने बताया कि विपक्षी पार्टियों के नेता आज गुलाम नबी आजाद के संसद स्थित चैंबर में मिलेंगे. जहां जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चर्चा की संभावना है. साथ ही चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को पद से हटाने के लिये महाभियोग लाने के प्रस्ताव के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है.
विपक्ष चीफ जस्टिस को हटाने के लिये प्रस्ताव पेश करने (महाभियोग) के लिये व्यापक आम सहमति बनाने के लिये विभिन्न दलों को एक साथ लाने पर काम कर रहा है. जहां वाम दल, एनसीपी और कांग्रेस सीजेआई को हटाने के लिये प्रस्ताव पेश करने पर सहमत है , वहीं इस बारे में याचिका पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ राजनैतिक दलों ने अपने कदम पीछे खींच लिये हैं.
आपको बता दें कि कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जस्टिस जस्टिस जे चेलमेशवर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने मीडिया के सामने आकर सीजेआई दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए थे. इसके बाद कांग्रेस, वामदलों ने महाभियोग की तैयारी शुरू की थी. हालांकि समर्थन नहीं मिलने की वजह से पैर पीछे खींच लिये थे. अब एक बार फिर जज बी एच लोया मामले में कांग्रेस और वामदल बैकफुट पर है ऐसे में विपक्षी पार्टियां महाभियोग पर विचार कर रही है.
