भोपाल – विधान सभा चुनाव के नज़दीक आते ही निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले मे पिछले तीन वर्षो से पदस्थ अधिकारियों का हटना तय हो गया है । इसी क्रम मे राजधानी भोपाल की कलेक्टोरेट में पदस्थ 80 प्रतिशत राजस्व अधिकारी, भोपाल जिले के विधानसभा चुनाव का हिस्सा नहीं बन सकेंगे, उनका हटना तय है। उनकी जगह जो भी नए अधिकारी आएंगे वहीं विधानसभा चुनाव कराएंगे। इसके पीछे दो कारण सामने आ रहे हैं। एक तो अधिकतर राजस्व अधिकारियों को भोपाल जिल में पदस्थ हुए तीन साल या उससे अधिक हो गए हैं। दूसरा कुछ अधिकारियो को भोपाल रास नही आरहा वह यहाँ नही रहना चाहते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट
होगया है की आगामी विधानसभा चुनाव का जिम्मा नये अधिकारियो के कंधो पर ही होगा । जो भोपाल की वस्तुस्थितियों से वाकिफ तक नहीं होंगे। ऐसे में उनके लिए जिले में चुनाव कराना खासा चुनौतीपूर्ण होगा।
इधर जिन अधिकारियों को तीन वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें चुनाव आयोग अन्य जिलों में भेजे इससे पहले वे खुद ही अपना स्थानांतरण अपनी मनचाही जगह पर करा लेना चाहते हैं।
सूत्रों की माने तो भोपाल में पदस्थ तीन अपर कलेक्टरों में से दो भोपाल में रहकर चुनाव नहीं करा सकेंगे, क्योंकि एडीएम दिशा नागवंशी पहले से ही भोपाल कलेक्टर कार्यालय से रवाना होने का प्रयास कर रही हैं, वहीं एडीएम जीपी माली को लेकर वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान आपत्ति आई थी। श्री माली का भोपाल ज़िला प्रशासन से खासा नाता विगत कई वर्षो से विभिन्न पदों पर रहकर रहा है । भोपाल की रग रग से वाकिफ़ श्री माली आगामी चुनाव बा खूबी अंजाम दे सकते है । यदि उनपर कोई आपत्ति नही आती है तो वह सफलता पूर्वक चुनाव सम्पादित करा सकते हैं , वर्तमान मे वह जिला उप निर्वाचन अधिकारी का भी दायित्व निभा रहे हैं । इसलिये वह हटाये जायेंगे इसकी सम्भावना कम ही नज़र आरही है ।
चुनाव आयोग की जद मे आने वाले वह अधिकारी जिनको भोपाल मे तीन साल होगये हैं –
– संयुक्त कलेक्टर – श्वेता पंवार
– तहसीलदार हुजूर – विनोद सोनकिया
– नायब तहसीलदार हुजूर – अताउल्लाखान
– नायब तहसीलदार हुजूर – सुनील शर्मा
– तहसीलदार बैरागढ़ सर्किल – अजय प्रताप सिंह पटेल
– नायब तहसीलदार बैरागढ़ सर्किल – रमा कालवा
– तहसीलदार शहर सर्किल – एचएस विश्वकर्मा
– तहसीलदार एमपी नगर सर्किल – संध्या कौशल चतुर्वेदी
– तहसीलदार टीटी नगर सर्किल – भुवन गुप्ता
– नायब तहसीलदार निर्वाचन – सुधाकर तिवारी
– नायब तहसीलदार बैरसिया – मुकेश राज
– एसएलआर – रमीला श्रीवास्तव
– एएसएलआर – जहीर खान
राजधानी मे ऐसे भी राजस्व अधिकारी हैं जिनको भोपाल रास नही आरहा या वह खुद ही यहाँ नही रहना चाहते –
– अपर कलेक्टर – दिशा नागवंशी
– संयुक्त कलेक्टर – नीलाम्बर मिश्रा
इनकी भी होगी छुट्टी –
डिप्टी कलेक्टर मुकुल गुप्ता पर तबादले की तलवार विगत कई माह से लटकी है , परन्तु उनके ऊपर वालोँ के संरक्षण के कारण उनको अब तक हटाया नही जा सका । पिछले कलेक्टर सहित नये कलेक्टर भी इनकी कार्यप्रणाली से खुश नही हैं । यह कयास लगाया जा रहा है कि चुनाव आयोग की तलवार से यह भी नही बचेंगे और खास बात यह है कि वह ऊपर वाले भी इनको अब रोक नही पायेंगे ।
आयोग के नए निर्देश के चलते हट सकते हैं एसडीएम हुजूर –
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत कोई भी अधिकारी एक ही जिले में दोबारा चुनाव नहीं करा सकता है। इस निर्देश के दायरे में भोपाल जिले में पदस्थ एसडीएम हुजूर अतुल सिंह आ रहे हैं। हालांकि वे पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भोपाल में ही थे।
पिछले कुछ माह पूर्व उज्जैन से भोपाल आये श्री केके रावत को भी भोपाल रास नही आ रहा या यह कहेँ कि वह भोपाल को रास नही आ रहे । उनकी कार्यप्रणाली से उनके अधीनस्थ , आमजन , अधिवक्ता , पक्षकार यहाँ तक के पत्रकार भी काफी नाराज हैं । सूत्रो के मुताबिक श्री रावत का प्रमोशन होने वाला है और उनको बैरागढ जेसा सर दर्द सर्किल मिला है लिहाजा वह दिन भर रुष्ट स्वभाव का प्रदर्शन करते हैं । सम्भवतः वह भी चुनाव से पूर्व भोपाल से रूखसत हो सकते है ।
