आगरा -उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक छात्रा को कुछ शोहदों ने जिंदा जला दिया था, जिसके बाद बुधवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। वहीं छात्रा के साथ हुई इस निर्मम वारदात के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। वहीं दूसरी तरफ खबर आ रही है कि अब संजलि के चचेरे भाई ने भी जहर खाकर जान देनी की कोशिश की। हालांकि, अभी तक कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
मृतक छात्रा के भाई ने भी खाया जहर
उसके चचेरे भाई योगेश ने गुरुवार को जहर खा लिया है। परिजनों ने उसे आगरा के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। अभी घटना की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। बता दें, छात्रा की मौत के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। फिलहाल अभी तक आरोपियों का पता नहीं लग पाया है। पुलिस लगातार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।
आधा दर्जन संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी:
सोमवार की शाम को कुछ मनचलों ने एक स्कूल जाती छात्रा को जिन्दा जला दिया। बीती रात दो बजे दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में उसने अपना दम तोड़ दिया। आलम कुछ यूं है इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी पुलिस अभी तक अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है। हालाँकि मामले की जांच में आठ टीमों का गठन हुआ है जो आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।वहीं अब तक आधा दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में पुलिस ने आधा दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है, वहीं मामले में आठ टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
छात्रा को लगाई थी आग
गौरतलब है कि छात्रा संजलि (15) पुत्री हरेंद्र सिंह जाटव निवासी गांव लालऊ से डेढ़ किमी दूर नौमील गांव में स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में पढ़ती है। वह छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रही थी। घर से 500 मीटर पहले हमलावरों ने उसे रोका और उसके सिर पर पेट्रोल से भरी पूरी बोतल खाली कर दी। वह कुछ समझ पाती, इससे पहले ही लाइटर से आग लगा दी और भाग निकले। संजलि जोर से चिल्लाई, जमीन पर लेटकर आग बुझाने की कोशिश की।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम
कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे युवक अजय ने उसे देखकर उसके घर पहुंच सूचना दी। यूपी- 100 की गाड़ी से संजलि को एसएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत है। पहले तो छात्रा को फ़ौरन ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जब उसकी हालत वहां स्थिर नहीं हुई तो उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान बुधवार की रात छात्रा की मौत हो गयी।
गौरतलब है कि मलपुरा में हुई वारदात के समय डीजीपी ओपी सिंह महज घटना से 15 किमी दूर ताजमहल के पास फाइव स्टार होटल में आगरा रेंड के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे।
