सीहोर जिले के आष्टा से सतीश सेन की रिपोर्ट
मध्यप्रदेश सरकार के लोकनिर्माण मन्त्री ओर खरगौन उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा पहुँचे आष्टा सीहोर जिले के आष्टा शहर में पुराने बस स्टेण्ड पर आयोजित कार्यक्रम आल इण्डिया मुशायरा और कविसम्मेलन का शानदार आयोजन रखा गया जिसमें पधारे मुख्य अतिथि लोकनिर्माण विभाग के मंत्री सज्जनसिंह वर्मा जिनका गर्म जोशी से आयोजक करता ने स्वागत किया जिसके बाद मन्त्री वर्मा अपने अंदाज बोले कि दुनिया के किसी भी कोने में अगर नफरत की आग जलती हो तो उसका धुँआ भी मेरे हिंदुस्तान को छूकर ना जाए* जब राहत इन्दौरी से मांग की गई कि गई एक शेर सुनाने की तो उन्होंने अपने अंदाज में शेर सुनाया मन्त्री वर्मा के सम्मान में और कार्यक्रम को शुरू किया गया आष्टा में हिन्दुस्तान के मसहूर शायर डॉ राहत इन्दौरी ने इक्कतीस साल बाद फिर आष्टा शहर में अपने चीर परिचित अंदाज मैं शायरी का जादू बिखेरा कुछ इस प्रकार अपने सायराने अंदाज में
डॉ इन्दौरी मशहूर शायर ।
शरदों पर बहुत तनाव है क्या पता तो करो कि चुनाव है क्या अभी गनीमत है सब्र अभी लबा लब भरा नही हु वो मुझको मुर्दा समझ रहा है उनको कहो में मरा नही हु
“सुना है कि नए सफर का नया इंतजाम कह देगे हवा को धूप चिरागों को शाम कह देंगे किसी से हाथ भी छुप कर मिलाइए वरना इसे भी मौलवी साव हराम कह देंगे”
जा के कह दे कोई सोलो से चिंगारी से फूल इस बार खिले बड़ी तैयारी से बादशाहो से कह दे कोई हमने खैरात भी मांगी है खुदारी से
कवि बाबुदेवल घायल वो दर्द तो देता है गवाही नही देता।
इल्जाम तो देता है गवाही नही देता।
कातिल निगाहे किसकी है ये जानते है लोग।
वो कत्ल तो करता है दिखाई नही देता।
एक कतरे को समन्दर कह दिया तो कह दिया।
एक प्यादे को कलन्दर कह दिया तो कह दिया।
होसलो की बात है ये क्यो डरे किससे डरे ।
सामने खुद को घर सिकन्दर कह दिया तो कह दिया
इस्माईल नजर शायर
हर एक मरीज के लिए एक दवाई नही होती हमेशा एक तरफ की हवा नही होती
हक इस तरह से निभा ति है बेटियां जन्नत हमारे घर को बनाती है बेटियां ।
कवित्री । ज्योति रॉय करू सत सत नमन उनको जिन्होंने दे बलिदान देश के खातिर
जो भूल गए गीदड़ों को कारगिल याद दिलायेगें
बहुत हुई ग़ांधी गिरी अब आजाद सिंह बन जायेंगे
देश पर मर मिटने वाले बेटो का कर्ज चुकाना है
सरवन कमाल एक बेवा की बेटी हु मेरा कौन शहरा । रिश्ता की भीड़ लगी फिर भी अपना कोई नही है हाथ पकड़ कर कोई ले जाए ऐसा फरिस्ता कोई नही जिसको हम आवाज लगाये इनमे कोई नही। सुनी मांग भरने को अब तो बोली लगती इनको क्या इन्सान कहेंगे एक बेवा की बेटी मेरा कौन शहरा
चाँद अंजुम कवित्री
कुछ चिराग बुझते कुछ चिराग जलते है
कवि सम्मलेन और मुशायरे में उपस्थित कवि एव शायर
अंतरास्ट्रीय शायर डॉ राहत इन्दौरी, इस्माईल नजर देवास दिनेश भोपाली भोपाल .मकसूद शाह देवास कवित्री ज्योति राय सिंगरौली . सलीम फराज हरदा , नईम अख्तर खदमी बुरानपुर , सरवल कमाल झाँसी, बाबुदेवल घयाल आष्टा, सबीहा भोपाल, फिरोज खान फ़तेपुरी, चाँद अंजुम मन्दसौर, जावेद अली आष्टा, शुभम सार्थक उदयपुरा आयोजित कार्यक्रम के आयोजक कर्ता अध्यक्ष जाहिद खान गुड्डू कोशाध्यक्ष तोशिफ़ उद्दीन बाबा कंवीनर नफ़ीस शाह उपाध्यक्ष शादाब अली (शानू) संघठन मन्त्री निशान (मालवा) सचिव जुनेद खान (बाबा) उपाध्यक्ष फैजुद्दीन सा सचिव मोहमद नदीम जाहिरी कार्यक्रम को देर रात्रि तक भारी संख्या में गणमान्य नागरिक एव आम जनता सुना।
