@सैयद ख़ालिद कैस -8770806210
भोपाल । आज सारा देश सुबह से ही इस बात के लिए व्याकुल था कि देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर मामले में अनुच्छेद 370 एवं धारा 35ए के सम्बन्ध में कोई बड़ा सर्जिकल अटेक करने वाले है । कल से ही अमरनाथ यात्रियो को वापस बुलाकर उनकी यात्रा को खत्म करने की घोषणा की । देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोका गया हो । जम्मू कश्मीर में दूरसंचार सेवाऐं बाधित होना , इंटरनेट को अस्थाई रूप से बंद करना । मेहबूबा मुफ्ती , उमर अब्दुल्ला सहित हुरियत नेताओ को नज़र बंद कर धारा 144लगाने के बाद जम्मू कश्मीर मामले में मोदी सरकार का रुख देखकर सारा देश उनके अगले क़दम का इन्तेज़ार कर रहा है । जैसे जैसे दिन गुजरा पूरे देश में यह ख़बर आग की तरह फ़ैल गई कि केंद्र की मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370एवं 35ए को खत्म कर दिया । देश की जनता के बीच मीडिया ने मोदी सरकार के इस क़दम को आज़ादी के बाद की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुऐ इसको जम्मू कश्मीर की आज़ादी निरूपित किया । परन्तु जनता अब भी इस सच से अनभिज्ञ है कि मोदी सरकार ने अनुछेद 370या 35ए को खत्म ही नही किया है । दरअसल मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से नहीं हटाया गया है लेकिन इसके तहत जम्मू-कश्मीर को मिलने वाला विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया गया है। अनुच्छेद 370 पूरी अभी भी जारी कश्मीर में लागू है।
मीडिया द्वारा प्रचारित जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370को खत्म करने के झूठ को उजागर करता फैजान मुस्तफा( NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के उप-कुलपति )का लेख –
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में घोषणा की कि सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 को संशोधित करके जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा दिया है। इस अनुच्छेद को संसोधित करने के बाद संविधान में क्या बदलाव आया है और जम्मू और कश्मीर के भविष्य के लिए इसका क्या अर्थ है आइए जानते हैं…
क्या अनुच्छेद 370 हटा खत्म कर दिया गया है?
अनुच्छेद 370 को पूरी तरह से नहीं हटाया गया है लेकिन इसके तहत जम्मू-कश्मीर को मिलने वाला विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया गया है। अनुच्छेद 370 पूरी अभी भी जारी कश्मीर में लागू है। चूंकि 5 अगस्त के राष्ट्रपति के आदेश ने संविधान के सभी प्रावधानों को कश्मीर में विस्तारित कर दिया है, मौलिक अधिकार अध्याय को अब बढ़ा दिया गया है और इसलिए अनुच्छेद 35-ए के भेदभावपूर्ण प्रावधान अब असंवैधानिक हो गए हैं। राष्ट्रपति भी अनुच्छेद 35-ए को वापस ले सकते हैं।
जम्मू कश्मीर राज्य का भविष्य:
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल पेश किया और यह बिल 125 मतों से पास भी हो गया। जम्मू कश्मीर राज्य अब दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा जाएगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख।दरअसल, अनुच्छेद 3 के तहत संसद के पास साधारण बहुमत द्वारा संविधान में संशोधन करने और राज्य की सीमाओं को बदलने और एक नया राज्य बनाने का अधिकार होता है। लेकिन इस तरह के बदलाव के लिए आवश्यक है कि इस तरह के विधेयक को सबसे पहले राष्ट्रपति द्वारा संबंधित राज्य विधानसभा के विचारों को जानाने के लिए भेजा जाना चाहिए।
अनुच्छेद 3 के स्पष्टीकरण II के तहत, संसद के पास केंद्र शासित प्रदेशों का गठन करने की शक्ति होती है।इसका मतलब यह हुआ कि कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा ही नहीं वापस ले लिया गया। बल्कि उसका दर्जा राज्य से भी कम हो गया है। अब देश में 28 राज्य है और केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या में दो राज्य और जुड़ जाएंगे।
@खेमराज चौरसिया छतरपुर मप्र
