औरंगाबाद : बजट पूर्व संगोष्ठी में भाग लेने गढ़वा पहुंचे सीएम रघुवर दास के बयान से पूरा ब्राहमण समाज आहत है। इसी बीच ब्राह्मण राज्य स्वाभिमान महासम्मेलन के प्रदेश सचिव सह प्रवक्ता सौरभ मिश्रा ने कहा है कि मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पलामू प्रमंडल में जातिवाद, ब्राह्मणवाद हावी होने की बात कहकर संविधान को गाली दी है। संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति मुख्यमंत्री, जातीय, धार्मिक, क्षेत्रीय आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता। संविधान में धार्मिक, जातीय, भेदभाव करने की मनाही है और बतौर मुख्यमंत्री ने इसकी शपथ ले रखी है।
श्री मिश्रा ने बताया कि उनके इस बयान से ब्राह्मण के स्वाभिमान में ठेस पहुंचा है और संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री को इस तरह का आपत्तिजनक टिप्पणी किसी जाति विशेष पर नहीं देना चाहिए। उन्हें अतिशीघ्र ब्राह्मण समुदाय के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।श्री मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि रघुवर दास को मालूम होना चाहिए कि ब्राह्मणों के वोट से ही वे आज सत्ता में हैं। इतिहास गवाह है जब भी समाज पर संकट आया है ब्राह्मणों ने ही सबसे पहले त्याग किया है। महर्षि द्रोणाचार्य, दधीचि, कृपाचार्य, गुरु वशिष्ठ, चाणक्य के साथ साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय, राजा राममोहन राय, चंद्रशेखर आजाद ,पंडित राम प्रसाद बिस्मिल जैसे हजारों नाम जिन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाएं। इस प्रकार की टिप्पणी वह खुले मंच से देकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जैसे तमाम बड़े ब्राह्मण नेता एवं कार्यकर्ताओं का अपमान किया है। वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वाह अति शीघ्र ब्राह्मण समाज के लोगों से माफी मांगे नहीं तो पूरे ब्राह्मण समाज मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़क पर उतरेंगे।
