नई दिल्ली। सरकारी कॉलेज में छात्राओं की यौन प्रताड़ना के संदर्भ में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने ऐसी हरकत कर दी कि अब देश भर में बवाल मच गया है। वो अचानक ही सवाल पूछने वाली महिला के गाल सहलाने लगे। उनकी बॉडी लेग्वेज भी ठीक नहीं थी। इस घटना के बाद से महिला पत्रकार काफी आहत है। देश भर की मीडिया इस मामले में एकजुट हो गई है। समाज का हर वर्ग इसे गंदी हरकत बता रहा है।
महिला पत्रकार लक्ष्मी सुब्रमण्यन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ट्वीट कर कहा कि मैने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से सवाल किया था, लेकिन उन्होंने बिना मेरी सहमति के मेरे गाल सहलाना शुरु कर दिया। अपने दूसरे ट्वीट में महिला पत्रकार ने कहा कि राज्यपाल द्वारा उसके गाल सहलाने को गलत आचरण बताया और कहा कि किसी भी महिला को बिना उसकी सहमति के छूना गलत है। महिला पत्रकार ने कहा कि वह काफी कोशिश के बाद भी इससे छुटकारा नहीं पा सकी हैं।
महिला पत्रकार के इस ट्वीट के बाद कई लोग भी महिला पत्रकार के समर्थन में आ गए हैं। डीएमके की राज्यसभा सांसद कनीमोझी ने भी इस भी इस मामले पर अपनी राय जाहिर की है और इस घटना को लेकर राज्यपाल की आलोचना की है। कनीमोझी ने कहा कि भले ही उनका कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन जो व्यक्ति किसी सार्वजनिक पद पर है, उसे डिकोरम का ध्यान रखना चाहिए। कनीमोझी ने आगे लिखा कि एक महिला पत्रकार की निजता का उल्लंघन करना प्रतिष्ठा नहीं दर्शाता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी कई लोग महिला पत्रकार के समर्थन में आ गए हैं।
संघ की संस्क़ति का प्रदर्शन
ऑल इण्डिया हय़मन राइट्रस एण्ड सोशल जस्टिस कौंसिल की नेशनल जनरल सेक्रेटी सरोज जोशी ने इस घटना की निन्दा करते हूए कहा कि वर्तमान समय में जिस प्रकार संघ व भाजपा सेे जुडे लोगो की शर्मनाक घटनायें जाहिर हो रही हैं उससे राज्यपाल की हरकत अलग नही हैै शायद यही संघ की संस्क़ति है जिसका तमिलनाडू के राज्यपाल ने प्रदर्शन किया है
