खान आशू वरिष्ठ पत्रकार भोपाल
भोपाल -अफसरों, नेताओं और वक्फ के दाग़दारों का अगुआ बनकर चलाए वसूली अभियान पर तालाबंदी के बादल मंडराते नजर आने लगे हैं। नेताओं ने हाथ खींचना शुरू कर दिया, अफसरों ने रसद बन्द कर दी और जिन किरायदारों की लड़ाई को वसूली का जरिया बनाया गया था, उन्हें खुद के छले जाने का अहसास होने लगा है। तिलमिलाए हुए स्वयंभू नेता ने इस नुकसान के एवज में शिकायत का अस्त्र उठा लिया है।
मामला राजधानी की मॉडल ग्राउंड की वक्फ जायदाद से जुड़ा है। करीब 9 साल से इस जमीन की सियासत कर रहे एक स्वयंभू नेता राशिद गौरी इन दिनों कई लोगों की शिकायत करते नजर आ रहे हैं। किसी की थाने में तो किसी की अदालत में। इनकी जमाने भर से की जा रही अवैध वसूली की खबरें मीडिया में जगजाहिर होने पर कलमकारों के लिए भी गौरी ने शिकायत शस्त्र उठा लिया है। शिकायतों को धारदार बनाने झूठ और फरेब का तड़का भी उसमे लगाया जा रहा है।
अब तक कई शिकार
मप्र वक्फ बोर्ड चैयरमेन शौकत मोहम्मद खान के खिलाफ मोर्चा खोलने के गौरी को कई अफसर, नेताओं और अन्य लोगों से रसद मिलती रही है। अचानक खुले धन आमद के इस रास्ते को आगे बढ़ाते हुए गौरी ने कई और लोगों को भी अपने निशाने पर ले लिया। इनमें वक्फ बोर्ड कर्मचारी, मुतवल्ली कमेटी कर्मचारी, कई शहरों से जुड़े वक्फ जिम्मेदार और किराएदार शामिल हैं।
किरायदारों में खलबली
मॉडल ग्राउंड के जिन किराएदारों को लेकर गौरी लम्बे समय से सियासत और वसूली कर रहे हैं, उन्हें अब इस बात का अहसास हो चुका है कि वे गौरी की स्वार्थ सिद्धि का साधन बन गए हैं। उनके बहकावे में आकर वह वक्फ के दागदार भी हो गए और कर्जदार भी। वक्फ बोर्ड द्वारा भविष्य में किराया कम कर इन किरायदारों को बहाल करने की योजना तैयार की जाती है तो उन्हें 9 साल के बकाया राशि के रूप में बड़ी रकम एकमुश्त अदा करना पड़ सकती है।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर होंगे मामले दर्ज
राशिद गौरी द्वारा सोशल मीडिया पर कई लोगों के खिलाफ लगातार अनर्गल पोस्ट लिखी जा रही हैं। (ये पोस्ट भी उन्हें कोई लिखकर दे रहा है, जिसे वे अपने नाम से पोस्ट कर रहे हैं।) इन पोस्ट में उन्होंने कई लोगों को अपमानित करती हुई भाषा का उपयोग करते हुए तथ्यहीन आरोप लगाए हैं। जिसमें सम्बंधित लोगों की समाज में छवि धूमिल हुई है। इन सब आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, भोपाल, राजगढ़ सहित कई शहरों में एकसाथ शिकायत और प्राइवेट इस्तगासा लगाया जा रहा है। झूठे आरोप के साथ ब्लैक मेलिंग करने के इन मामलों में गौरी के मददगारों को भी पक्षकार बनाया जाएगा।( साभार )
