विदिशा. भाजपा नेता दीपक दांगी आईपीएल पर सट्टा खिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद से भाजपा नेता लगातार यह जानकारी छिपाते रहे कि आरोपी भाजपा से जुड़ा है। दीपक विधायक परिवार से भी जुड़ा हुआ है। सिविल लाइन पुलिस ने दीपक समेत तीन आरोपियों से करीब 14 लाख 44 हजार 350 रुपए के हिसाब वाली सट्टा पर्ची कुछ नकदी रुपए भी जब्त हुए। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि शहर में करैयाखेड़ा गणपति विहार कॉलोनी स्थित नेतराम साहू के मकान में आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा खिलाने की सूचना मुखबिर से मिली थी। इसके लिए सिविल लाइन पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीम तैयार की गई। इसमें सिविल लाइन थाने के उपनिरीक्षक तरुण कुरील आरक्षक पंकज चौधरी, जितेंद्र खटीक एवं क्राइम ब्रांच प्रभारी उप निरीक्षक पुनीत बाजपेई व उनके स्टाफ के अन्य पुलिस जवान इसमें शामिल रहे।
चैन्नई सुपरकिंग व सनराइज हैदराबाद टीम पर हो रही थी बुकिंग
पुलिस की यह टीम अपनी पहचान छुपाने के लिए पुलिस के वाहन से न जाकर अन्य चार पहिया वाहन से मौके पहुंचे। पुलिस ने बताया कि मकान में चार लोग मौजूद थे। सभी के मोबाइल चालू थे और यहां चैन्नई सुपर किंग एवं सनराइज हैदराबाद टीम के बीच खेले जा रहे आईपीएल क्रिकेट मैच में टीमों की हारजीत पर सट्टे की बुकिंग चल रही थी। पुलिस ने इस दौरान आरोपियों की धरपकड़ की। इसमें बंटीनगर चौराहा निवासी करीब 24 वर्षीय दीपक दांगी, बरईपुरा निवासी करीब 25 वर्षीय अंकित साहू, गणपति विहार कॉलोनी निवासी करीब 48 वर्षीय नेतराम साहूको पकड़ा। जबकि चौथा आरोपी मोनू साहू पीछे के दरवाजे से भाग गया। इसकी तलाश की जा रही है।
ये सामग्री जब्त
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों से 4 मोबाइल, एक टीवी, एक सेटअप बाक्स, रिमोट कंट्रोल, 2 हजार रुपए नकद एवं सट्टा पर्ची जिसमें 14 लाख 44 हजार 350 रुपए का हिसाब लिखा हुआ जब्त की गई। आरोपियों के खिलाफधारा ३/४ ध्रूत क्रीड़ा अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
दिनभर डालते रहे पर्दा
आईपीएल के सटोरियों में दीपक दांगी का नाम आते ही भाजपा से उसके जुड़े होने की बात उजागर हुई। उसे भाजयुमो का ग्रामीण मंडल उपाध्यक्ष भी बताया गया। जब युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष बलबीर सिंह रघुवंशी से आरोपी के बारे में बात की गईतो उन्होंने आरोपी का भाजपा कार्यकर्ता होने से भी इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि मंडल उपाध्यक्ष दीपक दांगी अन्य व्यक्ति है, जबकि यह आरोपी कोई और दीपक दांगी है। जब उनसे उनके संग उसके कई फोटो होने की बात कही तो उन्होंने फिर बचाव किया और कहा कि हो सकता है कि वह कार्यक्रम में आ गया हो, लेकिन वह पदाधिकारी या कार्यकर्ता नहीं है। उधर सोशल मीडिया और दीपक दांगी की फेसबुक से उसके भाजपा और विधायक परिवार से सक्रिय रूप से जुड़े होने की पुष्टि हो रही है।
