भोपाल।राजधानी भोपाल में अधिकारियों के आदेश की धज्जियाँ उड़ाते कर्मचारी वर्षो से एक ही स्थान पर जमे हैं और भ्रष्टाचार का पर्याय बने बैठे हैं और अधिकारियों की आँखों में धूल झोंख रहे हैं।
ज्ञात हो कि कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-भोपाल के आदेश क्रमांक/723/सामान्य निर्वाचन / 2020,भोपाल, दिनांक 17.08.2020 के आधार पर अपर कलेक्टर (उत्तर) जिला-भोपाल द्वारा विधानसभा क्षेत्र कमांक 154-गोविन्दपुरा का निर्वाचन संबंधी कार्य देख रहे सहायक ग्रेड-2, पुरूषोत्तम सरर्वेया, (कार्यपालन यंत्री लाईट मशीनरी एवं वि./या. संभाग, जल संसाधन विभाग भोपाल ) को उसके मूल विभाग कार्यपालन यंत्री, लाईट मशीनरी एवं वि./यों, संभाग, जल संसाधन विभाग भोपाल हेतु दिनांक17. 08.2020 को भारमुक्त करते हुए आदेश तत्काल प्रभावशील किया था। परंतु श्री सिरवैया आज दिनाँक तक एमपीनगर सर्किल में विधानसभा क्षेत्र कमांक 154-गोविन्दपुरा का निर्वाचन संबंधी कार्य के साथ साथ अन्य राजस्व सम्बन्धी कार्य करके भृष्टाचार का पर्याय बना हुआ है।

गौरतलब हो कि सहायक ग्रेड-2, पुरूषोत्तम सरर्वेया को पूर्व सांसद भोपाल की शिकायत पर पूर्व में एमपीनगर सर्किल कार्यालय में आधी रात्रि को शराब पार्टी करते हुए पकड़े जाने पर निलंबित भी किया जा चुका है। इसे अधिकारियों की मिलीभगत कहें या सम्बंधित कर्मचारी को मिला राजनैतिक संरक्षण की वह अपने स्थानांतरण के बावजूद कार्यालय में डटा है,और अधिकारियों के आदेशों की धज्जियाँ उड़ा रहा है।
