मिल गया भय्यू जी महाराज की आत्म हत्या का असली कारण ?

हालांकि डीआईजी ने ये नहीं बताया कि आखिर खत में क्या लिखा है. उन्होंने कहा, “हमारे शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) जांच कर रहे हैं कि खत में लिखी बातों में कितनी सच्चाई है.” पुलिस सूत्रों के मुताबिक डीआईजी को बेनामी खत भेजने वाले ने अपना परिचय भय्यू महाराज के सेवादार के रूप में दिया है. बताया जा रहा है कि पत्र में आरोप लगाए गए हैं कि आध्यात्मिक गुरु की दूसरी पत्नी आयुषी का उनके साथ बर्ताव ठीक नहीं था और वो इसकी वजह से तनाव में रहते थे.
उधर आयुषी की मां रानी शर्मा ने अपनी बेटी के खिलाफ इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बेनामी खत में लिखी बातें मनगढ़ंत हैं. बता दें कि भय्यू महाराज ने अपने बंगले में 12 जून को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. कथित सुसाइड नोट के एक हिस्से में उन्होंने लिखा कि वह भारी तनाव से तंग आने के कारण जान दे रहे हैं.
इस बीच, भय्यू महाराज द्वारा स्थापित श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट ने एक पत्र जारी करके मीडिया से अनुरोध किया कि वह आध्यात्मिक गुरु की आत्महत्या के मामले की पुलिस जांच पूरी होने तक इस संस्था या उनके परिवार के किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें. ट्रस्ट के सचिव तुषार पाटिल ने पत्र में कहा, “पुलिस की जांच पूरी होने और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद ही हमारे द्वारा (भय्यू महाराज की मौत के मामले में) मीडिया को कोई प्रतिक्रिया दी जायेगी.”
बता दें कि भय्यू महाराज का वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख था. वह मध्यप्रदेश के शुजालपुर कस्बे के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनकी पहली पत्नी माधवी का नवम्बर 2015 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था. इसके बाद उन्होंने साल 2017 में 49 साल की उम्र में मध्यप्रदेश के शिवपुरी की आयुषी शर्मा के साथ दूसरी शादी की थी.
