बीजेपी के राज में कांग्रेस ने विकास पैदा कर ही लिया महाराजपुर में
ग्रामीण क्षेत्र का तोरण द्वार नगर वार्ड नंबर दो में निर्माणकार्य
मध्य प्रदेश/ छतरपुर -महाराजपुर:- राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर विकास ना होने पैदा ना होने जैसे आरोप तो आपने टी वी एवं अखबारों में आए दिन पढ़ते एवं देखते रहते है।
लेकिन आज हमआपको बताते हैं विधानसभा महाराजपुर या तहसील महाराजपुर या नगरपालिका महाराजपुर क्या कहें क्या लिखें समझ में नहीं आ रहा है। महाराजपुर से चार से छह किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत के गांव का तोरण द्वार का निर्माण कार्य चर्चा में है।
हम अभी बात गुणवत्ता की नहीं करेंगे बात सिर्फ नियमों कानून की अनदेखी की है।
महाराजपुर मैं स्थित महाराजा छत्रसाल डिग्री कॉलेज की दीवाल से लगकर तोरण द्वार का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां पर नेगुवा गांव की दूरी 4 किलोमीटर का सूचक बोर्ड भी लगा है यह निर्माण कार्य कितना उचित है इसका अंदाजा आप लगा सकते हैं।
छतरपुर जिले की नौगांव जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुंदारा का तोरण द्वार माननीय की निधि से कराया जा रहा है।
जो कि नगर पालिका महाराजपुर के वार्ड नंबर दो में निर्माण कार्य हो रहा है वहां से नेगुवा गांव चार किलोमीटर दूर स्थित है इसी रोड पर बीच में नगर पालिका महाराजपुर का वार्ड नंबर 15 भी पड़ता है उसके बाद ग्राम गुंदारा का रास्ता है दूसरा रास्ता कुसमा के पास से है तीसरा रास्ता मनकारी ग्राम पंचायत के पास से है। परंतु निर्माण कार्य वार्ड नंबर 2 मेन रोड डिग्री कॉलेज की दीवाल से लेकर होना देखने सुनने एवं नियम कानून में भी अनुचित है।
इस विकास कार्य पर न तो प्रशासनिक अधिकारियों को कोई आपत्ति रही है ना ही नगर पालिका में पदस्थ सीएमओ, इंजीनियर को भी कोई आपत्ति नहीं ना ही अतिक्रमण प्रभारी की नजर इस पर पड़ी और काम महीनों से चालू है।
इस संबंध में जब हमने अधिकारियों से बात करनी चाही तो कैमरा पर तो नहीं परंतु अधिकारियों का मानना था कि माननीय का काम है आप भी आपत्ति ना लें और हमें भी कोई आपत्ति नहीं है।
इस तोरण द्वार निर्माण में नगर पालिका महाराजपुर मैं पदस्थ इंजीनियर दीपांशु पटेरिया से पुनः फोन पर संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि अभी इसकी निर्माण स्वीकृति नहीं दी गई हालांकि नगर पालिका में आवेदन आने के बाद प्रभारी सीएमओ पवन शर्मा को फाइल बनाकर जरूर दी गई है ऐ बात जरूर कही है।
वही जनपद पंचायत नौगांव के इंजीनियर सुरेंद्र कुमार जैन साहब ने फ़ोन लेना भी उचित नहीं समझा ना ही इस मामले में कुछ बताना जरूरी समझा जानकारी उनको जरूर है।
अब देखना यह होगा कि इस अवैध बिना स्वीकृति निर्माण में क्या नगरपालिका अतिक्रमण विभाग के कर्मचारी इस पर कार्यवाही करते हैं या न्यायालयीन स्थगन आदेशो जैस निर्माण कार्य पूर्ण होने उपरांत खानापूर्ति करेंगे।
ऐसे विकास कार्य से यह तो स्पष्ट होता है जनप्रतिनिधियों की निधि का पैसा कहीं भी कभी भी कैसे भी खर्च हो सकता है इसके लिए कोई नियम लागू नहीं होते है।
महाराजपुर नगर पालिका में विकास के नाम पर काफी पैसा निधि का खर्च हुआ है जिनमें नियम कानून की बहुत बड़ी अनियमितता भी रही है और विवादित भी रहे।
बीजेपी का गढ़ कहा जाने वाला महाराजपुर में इस तरीके का कांग्रेस विधायक की निधि से हो रहे निर्माण पर लोग चुटकीया भी ले रहे हैं।
तो वहीं बीजेपी के पदाधिकारियों एवं पूर्व गृह राज्य मंत्री नगर पालिका अध्यक्ष ने इस मामले में कोई संज्ञान लेने की जानकारी नहीं मिल रही है।
नगरीय निकाय चुनाव में इसी सीट का आचार संहिता के बाद शिवराज सरकार के अधिकारियों ने आरक्षण तक बदल दिया था जिस पर पूर्व राष्ट्रपति महोदय के कार्यालय से निर्वाचन आयोग दिल्ली को पत्र लिखकर कार्यवाही के लिए कहा गया था लेकिन निरोप निष्पक्ष निर्वाचन आयोग दिल्ली के यहां फाइल ही गुम हो गई।
पूर्व गृह राज्य मंत्री रहे रामदयाल अहिरवार को जिताने के लिए चुनाव प्रचार में शिवराज को आना पड़ा था परंतु विकास कार्य तो हम साथ-साथ की तर्ज पर ही काम चलते रहे और कार्यकाल समाप्त हो गया ना तो नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष (कांग्रेस) की अनियमितताओं पर कोई जांच बिठाई गई और ना ही अब कांग्रेस विधायक नीरज दीक्षित की निधि पर निर्माण कार्य पर शिकायत की गई हो ऐसी जानकारी नहीं मिल रही है।
विधायक निधि से विकास विकास पैदा हो ही गया वह भी बीजेपी की सरकार के कार्यकाल में तो किसी ने नाम ना छापने की बात कह कर विधायक निधि के पैसे में हो रहे विकासकार्य में नियमों की अनदेखी पर जांच कराने एवं दोषियों दंडात्मक कार्यवाही के लिए विधानसभा अध्यक्ष एवं राज्यपाल से शिकायत की बात भी कहीं।..
MP//छतरपुर/ महाराजपुर:-खेमराज चौरसिया(आर टी आई कार्यकर्ता )
