भोपाल। पराक्रम चंद्रावत के यहां लोकायुक्त छापे में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि उनके परिजन के पेट्रोल पंपों पर सितंबर 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान स्टॉक से ज्यादा की बिक्री दिखाई गई और उस बिक्री की राशि को 1000-500 के नोट के रूप में बैंक खातों में जमा कराया गया। इस प्रकार काली कमाई को सफेद किया गया। लिहाजा लोकायुक्त पुलिस ने यह मामला आयकर को सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक बैंक खातों की जांच में यह खुलासा हुआ है।
चंद्रावत परिवार के तीन पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से एक पराक्रम की मां, एक पत्नी और एक बेटे के नाम का भी होने के दस्तावेज लोकायुक्त पुलिस को मिले हैं। सूत्रों ने बताया कि चंद्रावत परिवार के पेट्रोल पंपों में पराक्रम की हिस्सेदारी को लेकर लोकायुक्त पुलिस जांच कर रही है। नोटबंदी के दौरान जमा 1000-500 के नोटों की राशि का मिलान लोकायुक्त पुलिस ने पेट्रोल पंपों के स्टॉक से भी किया है, जिसमें पाया गया जितना पेट्रोल-डीजल, पंपों के स्टॉक में था, उससे कहीं ज्यादा बिक्री रिकॉर्ड में बताई गई।
