नई दिल्ली. 2G स्पेक्ट्रम केस में सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज ओपी सैनी ने गुरुवार को ए. राजा, कनिमोझी समेत 44 आरोपियों और कंपनियों को बरी करने का फैसला सुनाया। जज सैनी ने अपनी 1552 पन्नों की रिपोर्ट में कहा, “पूरा केस सिर्फ अटकलों और अफवाहों पर आधारित है। पिछले 7 साल से मैं सबूतों का इंतजार कर रहा था, लेकिन सारी उम्मीदें बेकार साबित हुईं। इतने सालों में कानूनी रूप से मान्य एक भी सबूत सामने नहीं आया।” बता दें कि 2010 में CAG विनोद राय की रिपोर्ट में 2G घोटाले का खुलासा किया गया था।
स्पेशल कोर्ट के जज ने फैसले में क्या कहा ?
कही-सुनी बातों की कोर्ट में जगह नहीं- जज सैनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “2011 से अब तक एक भी ऐसा शख्स सामने नहीं आया, जो असल में केस से जुड़े सबूत दे पाता। इससे साफ था कि पूरा मामला सिर्फ लोगों के नजरिए पर आधारित था और ये नजरिया अफवाहों और कही-सुनी बातों से ही बना था। कोर्ट की सुनवाई में इसकी कोई जगह नहीं होती।”
सच्चाई लाने को कहा तो केस छोड़कर चले गए लोग- “कोर्ट में कई ऐसे लोग पेश हुए, जिन्होंने कहा कि कोर्ट के सामने सच्चाई नहीं आई है। लेकिन, जब उनसे सच्चाई और सबूत सामने लाने को कहा गया तो सभी केस को बीच में छोड़ कर चले गए।”
